ओमान की खाड़ी में समुद्री कोहराम: कतर से भारत आ रहे जहाज पर ड्रोन हमला, इंजन रूम में लगी भीषण आग
समुद्री व्यापार का अहम केंद्र ‘होर्मुज’ इस समय बारूद की गंध और तनाव से दहला हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य तनातनी के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। कतर के रास लाफान बंदरगाह से गुजरात के दहेज की ओर बढ़ रहे एक विशाल व्यापारिक जहाज पर संदिग्ध ड्रोन से हमला किया गया है। ओमान की खाड़ी में हुए इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारे में हड़कंप मचा दिया है।
धुएं के गुबार में तब्दील हुआ इंजन रूम
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के हवाले से खबर है कि हमले के तुरंत बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, जिससे वहां काला और घना धुआं भर गया। यह घटना उस वक्त हुई जब जहाज होर्मुज के पास से गुजर रहा था। हालांकि, इस भीषण हमले के बावजूद एक बड़ी राहत की खबर यह रही कि जहाज पर सवार सभी 29 नाविक सुरक्षित हैं। इनमें 4 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जो मौत को मात देकर सुरक्षित बच निकले हैं।
युद्ध के मुहाने पर क्षेत्र: अमेरिका की बड़ी कार्रवाई
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास का इलाका रणक्षेत्र में तब्दील होता दिख रहा है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए उसके कई बंदरगाहों और रणनीतिक द्वीपों पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच कतर से भारत आ रहे इस जहाज को निशाना बनाया गया।
AL REKAYYAT पर हुआ हमला: क्या है पूरा मामला?
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 7 जुलाई को अरब सागर से गुजरते समय एलएनजी (LNG) कैरियर ‘AL REKAYYAT’ पर कथित ड्रोन हमला हुआ। इस घटना की आधिकारिक जानकारी आरपीएसएल (RPSL) ने डीजीकॉम को दी है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, जहाज को ढांचागत नुकसान तो पहुंचा है, लेकिन किसी भी व्यक्ति के घायल होने या समुद्र में तेल रिसाव जैसी पर्यावरणीय क्षति की पुष्टि नहीं हुई है।
सुरक्षित व्यापारिक मार्गों पर भारत का कड़ा रुख
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत ने हमेशा से ही इस बात पर जोर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन होना चाहिए। भारत का स्पष्ट रुख है कि वैश्विक व्यापार की जीवन रेखा कहे जाने वाले इन समुद्री मार्गों पर जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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