अमेरिकी जंगी जहाज की आहट से ईरान में खौफ! क्या ट्रंप से डील के लिए मजबूर हुआ तेहरान?

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अमेरिका ने उतारा जंगी जहाज, क्या डर से ईरान करना चाहता है ट्रंप से डील?

ईरान की दहलीज पर अमेरिकी नौसेना: क्या जंग और समझौते के बीच झूल रहा है तेहरान?

ईरान में हफ्तों से जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों और हजारों मौतों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान में हालात अब भी बेहद अस्थिर बने हुए हैं, और इसी तनाव के बीच अमेरिका ने वहां एक विशाल नौसैनिक बेड़ा तैनात कर दिया है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ईरान पर सैन्य हमले की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, हालांकि ट्रंप का दावा है कि तेहरान अब अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए बेताब है। ‘एक्सियोस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ने फिलहाल सैन्य कार्रवाई की योजना को टाल दिया है, लेकिन वे लगातार उच्च स्तरीय बैठकों के जरिए विभिन्न सैन्य विकल्पों की समीक्षा कर रहे हैं।

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पश्चिम एशिया में अमेरिकी युद्धपोतों की दस्तक

अमेरिकी सेना ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) अपने स्ट्राइक ग्रुप के साथ पश्चिम एशिया पहुंच चुका है। इस कदम से क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य शक्ति में जबरदस्त इजाफा हुआ है। ईरान द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई दमनकारी कार्रवाई के जवाब में इस बेड़े को रवाना किया गया था। यद्यपि राष्ट्रपति ट्रंप ने फिलहाल सीधी सैन्य कार्रवाई से कदम पीछे खींचे हैं, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा है कि ‘सभी विकल्प मेज पर हैं’। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) के अनुसार, यह स्ट्राइक ग्रुप क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया है। ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका के पास ईरान के करीब एक विशाल बेड़ा मौजूद है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा, “वे समझौता करना चाहते हैं, मुझे पता है। उन्होंने कई बार संपर्क करने की कोशिश की है।”

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मानवाधिकार संगठनों और समाचार एजेंसियों ने सोमवार को चौंकाने वाले आंकड़े साझा करते हुए पुष्टि की है कि ईरान में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक लगभग 6,000 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कई गुना अधिक हो सकती है। इस बीच, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कड़ा रुख अपनाते हुए बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी रक्षा करने और अपनी क्षमताओं पर पूर्ण विश्वास रखता है।


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