चीन और जापान के बीच गहराता टकराव: समंदर में ‘ड्रैगन’ को जापान की सीधी चुनौती
एशिया की दो महाशक्तियों, जापान और चीन के बीच रिश्तों की कड़वाहट अब समंदर की लहरों पर साफ नजर आने लगी है। चीन की विस्तारवादी नीतियों के खिलाफ जापान ने अब आर-पार की जंग का मन बना लिया है। साल 2022 के बाद पहली बार जापान ने एक ऐसी बड़ी कार्रवाई की है, जिससे बीजिंग की तिलमिलाहट बढ़ना तय है। जापानी अधिकारियों ने दक्षिण-पश्चिम जापान के नागासाकी तट के पास अपने ‘विशेष आर्थिक क्षेत्र’ (EEZ) में घुसपैठ कर रही एक चीनी मछली पकड़ने वाली नाव को न केवल धर-दबोचा, बल्कि उसे जब्त भी कर लिया। जापानी निरीक्षण टीम के आदेशों को ठेंगा दिखाकर भागने की कोशिश कर रहे चीनी कप्तान को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक पारा पहले से ही सातवें आसमान पर है।
जापान की फिशरी एजेंसी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 12 फरवरी की दोपहर नागासाकी प्रीफेक्चर के गोतो द्वीप समूह (मेशिमा द्वीप) से लगभग 165 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित जापानी ईजेड में चीनी नाव ‘क्यू ओंग डोंग यू 111998’ को संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया गया। यह एक ‘ट्रोलर’ प्रकार की नाव थी, जो मछली पकड़ने के विशाल जालों से लैस थी। जापानी फिशरी एजेंसी के गश्ती जहाज ‘होकआ मारो’ ने नाव को रोकने और तलाशी देने का कड़ा आदेश दिया, लेकिन चीनी कप्तान ने आदेश की अवहेलना की और नाव भगाकर निकलने की कोशिश की। कड़ी मशक्कत के बाद जापानी अधिकारियों ने नाव को जब्त कर लिया और उसके 47 वर्षीय चीनी कप्तान को हिरासत में ले लिया।
नाव पर कुल 11 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें से फिलहाल केवल कप्तान को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाकी सदस्यों की स्थिति पर अभी स्पष्टता आनी बाकी है। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव मीनारू केरा ने एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग में इस पूरी घटना की पुष्टि की है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ताइवान के मुद्दे पर जापान और चीन के बीच चल रही तकरार और जापान का परमाणु कार्यक्रम की ओर फिर से बढ़ता झुकाव इस तनाव को और हवा दे रहा है। ऐसे संवेदनशील माहौल में, साल 2022 के बाद पहली बार चीनी नाव की यह जब्ती एक बड़े कूटनीतिक संदेश के रूप में देखी जा रही है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में जापान ने अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को लेकर दक्षिण कोरिया और ताइवान की नौकाओं पर भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की है।
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