पाकिस्तान में गृहयुद्ध! BLA के ‘ऑपरेशन हेरॉफ 2.0’ से जल उठा बलूचिस्तान, बैंकों और आर्मी बेस पर रॉकेट से हमले, सेना में मची भगदड़
इस्लामाबाद/क्वेटा: आज 1 फरवरी 2026 का दिन पाकिस्तान के लिए किसी कयामत से कम नहीं है। एक तरफ कंगाली की मार, और दूसरी तरफ अब घर के अंदर छिड़ा यह खूनी गृहयुद्ध। बलूचिस्तान से जो तस्वीरें और खबरें आ रही हैं, वे दिल दहला देने वाली हैं। प्रतिबंधित संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और सुनियोजित हमला बोल दिया है, जिसे उन्होंने ‘ऑपरेशन हेरॉफ 2.0’ (Operation Herof 2.0) का नाम दिया है
यह हमला कोई छोटी-मोटी गोलीबारी नहीं है, बल्कि एक ‘फुल स्केल वॉर’ है। विद्रोहियों ने पूरे प्रांत की नाकाबंदी कर दी है और पाकिस्तानी रेंजर्स को अपनी जान बचाकर भागना पड़ रहा है।
क्या है ‘ऑपरेशन हेरॉफ 2.0’?
BLA ने पिछले साल ‘ऑपरेशन हेरॉफ’ (जिसका मतलब है ‘काली आंधी’ या तूफान) लॉन्च किया था, जिसने पाकिस्तानी सेना की नींव हिला दी थी। अब उसका दूसरा चरण, यानी ‘हेरॉफ 2.0’ और भी ज्यादा घातक है।
इस बार विद्रोहियों की रणनीति बिल्कुल साफ है-“आर्थिक और सैन्य ढांचे को पूरी तरह तबाह करना।”
सूत्रों के मुताबिक, BLA की आत्मघाती स्क्वाड ‘मजीद ब्रिगेड’ (Majeed Brigade) ने बलूचिस्तान के सभी प्रमुख नेशनल हाईवे (N-65, N-40) को ब्लॉक कर दिया है। उनका मकसद बलूचिस्तान का संपर्क बाकी पाकिस्तान से काटना है।
बैंकों और सरकारी इमारतों पर रॉकेट लॉन्चर से हमले
सुबह 4 बजे से ही हमलों का सिलसिला शुरू हो गया था। विद्रोहियों ने आधुनिक हथियारों, रॉकेट लॉन्चर और हैवी मशीन गन का इस्तेमाल किया है।
- बैंकों पर कब्जा: ग्वादर, पंजगूर और तुर्बत जैसे जिलों में BLA के लड़ाकों ने नेशनल बैंक ऑफ पाकिस्तान (NBP) की शाखाओं पर हमला किया। रिपोर्ट्स हैं कि उन्होंने बैंकों का खजाना लूटने के बजाय इमारतों को आग के हवाले कर दिया है, ताकि पाकिस्तान की पहले से टूटी हुई अर्थव्यवस्था को और चोट पहुंचाई जा सके।
- पुलिस और लेवी थाने जले: कई जिलों में पुलिस थानों पर रॉकेट दागे गए हैं। पुलिसकर्मियों ने सरेंडर कर दिया है या अपनी पोस्ट छोड़कर भाग गए हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि विद्रोही पुलिस की गाड़ियों में घूम रहे हैं।
- मच और बोलान में कोहराम: मच शहर में जेल और रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया गया है। क्वेटा जाने वाली सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।
पाकिस्तानी सेना (Pak Army) की हालत पतली
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दुनिया की छठी सबसे बड़ी फौज होने का दावा करने वाली पाकिस्तानी सेना (Pak Army) इन विद्रोहियों के सामने बेबस नजर आ रही है। जनरल आसिम मुनीर ने आपातकालीन बैठक बुलाई है, लेकिन जमीन पर हालात काबू से बाहर हैं
- हेलीकॉप्टर भी सुरक्षित नहीं: ऐसी खबरें हैं कि सेना के राहत हेलीकॉप्टरों पर भी एंटी-एयरक्राफ्ट गन से फायर किया गया, जिससे वे लैंड नहीं कर पा रहे हैं।
- FC कैंप पर हमला: फ्रंटियर कोर (FC) के कई कैंपों के अंदर घुसकर BLA ने हमला किया है। यह एक बहुत बड़ी सुरक्षा चूक है।
चीन (China) और CPEC के लिए खतरे की घंटी
इस हमले का सबसे बड़ा असर चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) पर पड़ने वाला है। ग्वादर पोर्ट, जो चीन का ड्रीम प्रोजेक्ट है, अब पूरी तरह से युद्ध क्षेत्र (War Zone) में तब्दील हो चुका है। चीनी इंजीनियरों और कामगारों को बंकरों में छिपा दिया गया है। चीन ने इस्लामाबाद को सख्त चेतावनी दी है कि अगर उनके नागरिकों को खरोंच भी आई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। लेकिन सच्चाई यह है कि पाकिस्तानी सेना खुद को बचाने में लगी है, चीनियों को कौन बचाएगा?
इंटरनेट ब्लैकआउट और मीडिया पर पहरा
पाकिस्तानी सरकार ने हमेशा की तरह सच्चाई छुपाने के लिए पूरे बलूचिस्तान में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी हैं। मेनस्ट्रीम पाकिस्तानी मीडिया (Geo News, ARY) को सख्त हिदायत दी गई है कि वे हमलों की फुटेज न दिखाएं। लेकिन सोशल मीडिया के जरिए खौफनाक वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें जलती हुई इमारतें और सड़कों पर पड़ी लाशें देखी जा सकती हैं
संपादक की राय (Editor’s Opinion)
“जो बोया है, वही काट रहे हैं। पाकिस्तान ने दशकों तक आतंकवाद को अपनी विदेश नीति का हिस्सा बनाए रखा। आज वही आग उसके अपने घर को जला रही है। ‘ऑपरेशन हेरॉफ 2.0’ सिर्फ एक विद्रोही हमला नहीं है, यह बलूचिस्तान के लोगों का गुस्सा है जो 75 सालों से शोषण सह रहे हैं।
पाकिस्तानी सेना की कायरता आज पूरी दुनिया देख रही है। वे निहत्थे नागरिकों पर तो शेर बनते हैं, लेकिन जब हथियारबंद लड़ाकों का सामना हुआ, तो उनके पैर उखड़ गए। अगर हालात ऐसे ही रहे, तो 1971 के बाद पाकिस्तान का एक और टुकड़ा अलग होते देर नहीं लगेगी। भारत को अपनी सीमाओं पर चौकसी बढ़ानी होगी, क्योंकि पड़ोस में लगी आग की लपटें हम तक भी पहुंच सकती हैं।”
– (रक्षा मामलों के विशेषज्ञ संपादक)
निष्कर्ष
पाकिस्तान के लिए आज का दिन ‘ब्लैक संडे’ साबित हो रहा है। बलूचिस्तान हाथ से निकलता दिख रहा है। शाहबाज शरीफ की सरकार और जनरल मुनीर की फौज के पास अब बहुत कम विकल्प बचे हैं। या तो वे बड़े पैमाने पर हवाई हमले (Airstrikes) करेंगे, जिससे मानवाधिकारों का हनन होगा और दुनिया थू-थू करेगी, या फिर वे बलूचिस्तान पर अपना नियंत्रण खो देंगे। आने वाले 24 घंटे पाकिस्तान के अस्तित्व के लिए बहुत भारी पड़ने वाले हैं।
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