भारत में पुतिन का स्वागत: खास मेन्यू और कूटनीति का संगम
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का 23वें इंडिया-रूस समिट के लिए भारत आगमन, चार साल के लंबे अंतराल के बाद, भारतीय आतिथ्य का एक खास अध्याय लेकर आया। इस यात्रा के दौरान, उनके लिए तैयार किया गया विशेष मेन्यू, उनकी पसंद, सख्त डाइट और सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए, चर्चा का विषय रहा। पुतिन के भोजन को अत्यंत सावधानी से, अलग से पकाया जाता है और हर व्यंजन की कई स्तरों पर जांच की जाती है।
हैदराबाद हाउस में अहम वार्ताओं और व्यावसायिक कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद, पुतिन ने अपनी भारत यात्रा के दूसरे दिन का समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित एक भव्य राजकीय रात्रिभोज के साथ किया। इस भोज में सरकार के प्रमुख हस्तियों के साथ-साथ, विभिन्न राजनीतिक दलों के गणमान्य व्यक्तियों ने भी शिरकत की।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह भोज, राष्ट्रपति पुतिन की दो दिवसीय भारत यात्रा का अंतिम चरण था। इस दौरान, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर गहन चर्चा की, नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए और भारत-रूस संबंधों को एक नई ऊंचाई देने का मार्ग प्रशस्त किया।
शाही दावत: पुतिन के लिए सजी ‘विशिष्ट थाली’
राष्ट्रपति भवन में आयोजित राजकीय भोज, भारतीय पाक-कला की समृद्ध विविधता का एक जीवंत प्रदर्शन था। पूरी तरह से शाकाहारी इस भोज में, विभिन्न क्षेत्रीय व्यंजनों का समावेश था। भोजन की शुरुआत, पारंपरिक दक्षिण भारतीय सूप, ‘मुरुंगेलाई चारू’ (रसम) से हुई। इसके बाद, काले चने के कबाब ‘शिकमपुरी’ और मसालेदार चटनी के साथ ‘वेजिटेबल झोल मोमो’ परोसे गए।
रूसी राष्ट्रपति और अन्य आमंत्रित गणमान्य व्यक्तियों को जाफरानी पनीर रोल, पालक-मेथी-मटर का साग, तंदूरी भरवां आलू, अचारी बैंगन और पीली दाल तड़का का स्वाद चखाया गया। इसके साथ ही, ड्राई फ्रूट्स और केसर पुलाव के साथ भारतीय ब्रेड की विस्तृत श्रृंखला, जैसे लच्छा परांठा, मगज नान, सतानाज रोटी, मिस्सी रोटी और बिस्कुटी रोटी भी परोसी गई।
पेय पदार्थों में, अनार, संतरा, गाजर और अदरक के ताज़े जूस का भी आनंद लिया गया, जिसने इस शाही दावत को और भी खास बना दिया।
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