
महामुलाकात से पहले महायुद्ध: कीव पर रूस का भीषण मिसाइल तांडव
27 दिसंबर की वह रात यूक्रेन की राजधानी कीव के लिए किसी डरावने सपने जैसी थी. जब दुनिया सोने की तैयारी कर रही थी, तब कीव का आसमान रूसी धमाकों की गूंज और रोशनी से थर्रा उठा. मिसाइलों और ड्रोन के इस बड़े हमले ने राजधानी को हिलाकर रख दिया है. चौंकाने वाली बात यह है कि यह हमला ठीक उस वक्त हुआ है, जब एक दिन बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बहुचर्चित मुलाकात होने वाली है.
हाइपरसोनिक और बैलिस्टिक स्ट्राइक: रूस का विध्वंसक अवतार
सैन्य सूत्रों और कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने इस बार कीव को निशाना बनाने के लिए अपनी सबसे घातक मिसाइलों का इस्तेमाल किया. इस हमले में न केवल किंजल हाइपरसोनिक मिसाइलें दागी गईं, बल्कि चार इस्कंदर बैलिस्टिक और कई कैलिब्र क्रूज मिसाइलों ने भी तबाही मचाई. धमाकों की गूंज केवल कीव तक सीमित नहीं रही; राजधानी से 20 किमी दूर बसे ब्रावरी शहर में इस हमले के बाद बिजली गुल हो गई और पूरा इलाका अंधेरे और दहशत के साए में डूब गया.
आसमान में मौत का साया: मेयर की चेतावनी
हमले के दौरान कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने टेलीग्राम पर मोर्चा संभाला और लोगों को तुरंत शेल्टर में जाने की हिदायत दी. यूक्रेन की एयर फोर्स ने भी पुष्टि की कि कीव, वेलिका डायमेरका, पेरेयास्लाव और चेर्निहीव के ऊपर रूसी ड्रोनों का जाल बिछा हुआ था. एयर डिफेंस सिस्टम लगातार सक्रिय था, लेकिन ड्रोन की बढ़ती संख्या ने लोगों के बीच भारी डर पैदा कर दिया.
अवेयर मीडिया नेटवर्क
ट्रंप-जेलेंस्की मीटिंग: शांति की मेज या युद्ध की बिसात?
यह भीषण हमला रविवार को फ्लोरिडा में होने वाली ट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात पर सवाल खड़े कर रहा है. जेलेंस्की का मानना है कि यह बैठक युद्ध के अंत की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकती है. सीएनएन के मुताबिक, अमेरिका और यूक्रेन के बीच 20 बिंदुओं वाली शांति योजना का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा तैयार हो चुका है. इस चर्चा में यूक्रेन की भविष्य की सुरक्षा और युद्धोत्तर स्थितियों पर गहन मंथन होना है.
ट्रंप का कड़ा रुख: “मेरी मंजूरी ही अंतिम फैसला”
शांति की इन कोशिशों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि बिना उनकी सहमति के कोई भी समझौता सिरे नहीं चढ़ेगा. पॉलिटिको को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “जब तक मैं मंजूरी नहीं दूंगा, तब तक कोई समझौता नहीं है.” वहीं दूसरी ओर, रूस अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर रहा है. रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उनकी सेना ने दक्षिणी यूक्रेन के जापोरिज्जिया क्षेत्र में कोसोवत्सेवो बस्ती पर कब्जा कर लिया है.
प्रतिशोध की आग: क्यों दहला यूक्रेन?
रूस ने इस हमले को ‘जवाबी कार्रवाई’ करार दिया है. रूसी मंत्रालय का दावा है कि 20 से 26 दिसंबर के बीच यूक्रेन ने रूसी नागरिक ठिकानों पर ‘आतंकी हमले’ किए थे. इसके जवाब में रूस ने किंजल मिसाइलों के साथ पांच बड़े हमले किए, जिसमें यूक्रेन के हथियार कारखाने, ऊर्जा संयंत्र, बंदरगाह और सैन्य गोदामों को निशाना बनाया गया. रूस का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य यूक्रेन की युद्ध क्षमता को जड़ से कमजोर करना है.
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