रूस के राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा: 15 अरब डॉलर के रक्षा सौदों की पेशकश, नौसेना को दो पनडुब्बियों का ऑफर, और एस-400 पर होगी चर्चा
नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बहुप्रतीक्षित भारत दौरे का औपचारिक ऐलान हो गया है। पुतिन भारत-रूस सालाना बैठक के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के साथ समिट के लिए 4-5 दिसंबर को भारत में रहेंगे। सूत्रों के अनुसार पुतिन भारत को एक दशक के दौरान 15 अरब डॉलर (1.3 लाख करोड़ रुपये) के रक्षा सौदों की पेशकश करेंगे। इस पेशकश में भारतीय नौसेना को दो बकुला क्लास की पनडुब्बियों का ऑफर भी शामिल है। दोनों देश एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को संयुक्त रूप से विकसित करने पर भी चर्चा करेंगे। भारत को रूस से 5 एस-400 सिस्टम मिलने हैं, जिनमें से 3 पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।
रक्षा करार पर उम्मीदें, अमेरिका का दबाव और पश्चिम की निगाहें
पुतिन की इस यात्रा में रक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग पर सबसे ज्यादा जोर रहेगा। दोनों देशों के बीच अहम रक्षा करार पर मंजूरी की भी उम्मीद की जा रही है। अमेरिका द्वारा भारत पर रूसी तेल की खरीद को कम करने के लिए दबाव बनाए जाने के बीच पुतिन का यह दौरा खासा अहम है। जानकार मानते हैं कि दोनों पक्षों के बीच इस मसले से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा हो सकती है, जिस पर पश्चिम की भी निगाहें बनी रहेंगी।
एस-400: पाकिस्तान के लिए चौंकाने वाला, भारत के लिए रक्षा कवच
एस-400 प्रणाली ने पाकिस्तान को चौंका दिया है और उसकी वायु सेना को भारी नुकसान पहुंचाया है। इसने पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा पहलगाम में किए गए आतंकी हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय आसमान की रक्षा करते हुए कई लड़ाकू विमानों को मार गिराया था।
एस-400 की आपूर्ति पटरी पर: 2026-27 तक अंतिम इकाइयां मिलने की उम्मीद
रूस द्वारा 2026 और 2027 में भारत को अंतिम दो एस-400 इकाइयां देने की उम्मीद है। भारत और रूस ने 2018 में पांच इकाइयों के लिए 5.5 बिलियन डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिनमें से तीन पहले ही वितरित की जा चुकी हैं। शुगायेव ने दोहराया कि इस क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करने की संभावना है, जिसका अर्थ है नई आपूर्तियाँ। फिलहाल, हम बातचीत के चरण में हैं।
10 लाख भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए नया जॉब डेस्टिनेशन बनेगा रूस: लेबर मोबिलिटी करार का मसौदा तैयार
रूस स्किल्ड भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए नया जॉब डेस्टिनेशन बनेगा। दोनों देशों के बीच लेबर मोबिलिटी करार का मसौदा तैयार है। रूस ने 10 लाख भारतीयों को सर्विस सेक्टर में भर्ती करने की घोषणा की है।
रूसी तेल खरीद: एक संवेदनशील मुद्दा
रूसी तेल खरीद भी एक बड़ा मुद्दा रहने वाला है। रूस से तेल खरीद पर अमेरिका ने 25% पैनल्टी टैरिफ लगाया हुआ है। भारत ने अपनी ऑयल बास्केट का विस्तार किया है। भारत क्रूड ऑयल की अपनी जरूरत का 40% तक रूस से खरीदता रहा है, हालांकि सूत्रों के अनुसार इसमें कुछ कमी आई है।
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