ईरान के केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले का असली सच: आखिर क्यों दहला यह इलाका? जानें पूरी इनसाइड स्टोरी!

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
4 Min Read
ईरान के केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले का असली सच: आखिर क्यों दहला यह इलाका? जानें पूरी इनसाइड स्टोरी!
why did the us launch new attacks on iran qeshm island uncover the full story

मिडल ईस्ट में महासंग्राम: क्या ‘मिसाइल सिटी’ पर अमेरिकी हमले ने छेड़ दी है भीषण जंग?

मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में बारूद की गंध एक बार फिर गहरी हो गई है और तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा नाजुक संघर्षविराम (Ceasefire) उस वक्त खतरे में पड़ गया, जब अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण क़ेशम द्वीप (Qeshm Island) पर भीषण बमबारी की। इस अमेरिकी कार्रवाई की तपिश केवल ईरान तक सीमित नहीं रही; जवाबी कार्रवाई में कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों की बरसात कर दी गई। हालांकि, पर्दे के पीछे दोनों पक्षों के अधिकारी कूटनीतिक बातचीत के जरिए इस आग को बुझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ताज़ा शत्रुता ने शांति वार्ता को पूरी तरह पटरी से उतारने का जोखिम पैदा कर दिया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना ने शनिवार और रविवार को ईरान के गेरुक शहर के पास और क़ेशम द्वीप पर सटीक खुफिया सूचनाओं के आधार पर हवाई हमले किए।

क़ेशम द्वीप पर अमेरिकी प्रहार

CENTCOM ने पुष्टि की है कि इस ऑपरेशन में हवाई रक्षा प्रणालियों, एक ड्रोन ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो हमलावर ड्रोनों को निशाना बनाया गया। दावा किया गया है कि ये संपत्तियां क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही के लिए सीधा खतरा बन गई थीं। इस सैन्य ऑपरेशन के दौरान एक सक्रिय रडार इंस्टॉलेशन और ड्रोन कमांड सेंटर को भी ध्वस्त कर दिया गया। आरोप है कि इन केंद्रों का उपयोग खाड़ी देशों और व्यापारिक जहाजों पर होने वाले मिसाइल हमलों के समन्वय (Coordination) के लिए किया जा रहा था।

क्यों खास है क़ेशम द्वीप की भौगोलिक स्थिति?

क़ेशम द्वीप कोई साधारण द्वीप नहीं, बल्कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के मुहाने पर बैठा एक प्रहरी है। यह दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री ‘चोकपॉइंट्स’ में से एक है। वैश्विक LNG व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत और समुद्री मार्ग से होने वाले कुल तेल शिपमेंट का 25 प्रतिशत हिस्सा इसी तंग रास्ते से गुजरता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों की धड़कनें इस द्वीप की हलचल से जुड़ी रहती हैं।

ईरान इस द्वीप पर अपनी सैन्य मौजूदगी के जरिए इराक, कुवैत, बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों के प्राथमिक निर्यात मार्ग को नियंत्रित करने की क्षमता रखता है।

IRGC का ‘न डूबने वाला विमानवाहक पोत’

सैन्य विश्लेषक क़ेशम द्वीप को ईरान का “न डूबने वाला विमानवाहक पोत” कहते हैं। यहाँ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक अभेद्य सैन्य किला तैयार कर रखा है। पूरे द्वीप पर भूमिगत मिसाइल सुविधाओं और रक्षात्मक ठिकानों का एक जाल बिछा हुआ है, जिसकी वजह से इसे ईरान का “मिसाइल शहर” कहा जाता है। इन सुरंगों में जहाज-रोधी बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का जखीरा छिपा है। साथ ही, यहाँ की नौसैनिक सुविधाओं से लैस तीव्र-हमला नौकाएं (Fast-attack boats) खाड़ी में मौजूद बड़ी नौसैनिक शक्तियों को ‘झुंड रणनीति’ (Swarm-style tactics) से चुनौती देने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं।

सैन्यीकरण की मानवीय कीमत

क़ेशम के इस भीषण सैन्यीकरण का खामियाजा वहां के आम नागरिकों को भी भुगतना पड़ रहा है। संघर्ष के शुरुआती दौर में हुए हवाई हमलों में द्वीप का एक प्रमुख जल-शोधन (Desalination) संयंत्र नष्ट हो गया। इसके परिणामस्वरूप करीब 30 गांवों में ताजे पानी की आपूर्ति ठप हो गई है, जो युद्ध की विभीषिका के बीच एक गंभीर मानवीय संकट को दर्शाता है।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *