अमेरिका पर छाया सरकारी शटडाउन का संकट: 7 साल बाद देश थमने की कगार पर!
अमेरिका में 7 साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर सरकारी कामकाज ठप्प होने की कगार पर आ खड़ा हुआ है। देश में ‘शटडाउन’ का माहौल है, जिसका सीधा मतलब है कि कांग्रेस बिल पास करने में नाकाम रही है। हाल ही में, रिपब्लिकन सांसदों ने सरकार को 21 नवंबर तक अल्पकालिक फंड मुहैया कराने के लिए एक विधेयक पेश किया था, लेकिन दुर्भाग्यवश, यह विधेयक भी पारित नहीं हो सका। फंडिंग बिल पर हुआ मतदान 55-45 के अंतर से गिर गया, जबकि सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी को इसे पास कराने के लिए कम से कम 60 वोटों की सख्त आवश्यकता थी।
“कट्टरपंथी वामपंथ” पर ठीकरा फोड़ा: सरकार का सनसनीखेज आरोप!
अमेरिकी आवास एवं शहरी विकास विभाग ने इस सरकारी बंदी के लिए सीधे तौर पर ‘कट्टरपंथी वामपंथ’ को जिम्मेदार ठहराया है। यह एक ऐसा कदम है जिसे शायद अवैध भी ठहराया जा सकता है। विभाग के अनुसार, कट्टरपंथी वामपंथी अपनी 1.5 ट्रिलियन डॉलर की मांगों को पूरा कराने के लिए सरकार को बंद करवा देंगे, जिससे अमेरिकी नागरिकों को भारी कष्ट झेलना पड़ेगा। ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि वे सरकार को अमेरिकी जनता के लिए खुला रखना चाहते हैं। यह बयान मंगलवार को उनकी वेबसाइट पर एक नए बैनर के रूप में जोड़ा गया था, और पहली बार साइट पर आने वालों के लिए यह एक पॉप-अप के रूप में भी दिखाई दे रहा है। सीबीएस न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता वकालत समूह ‘पब्लिक सिटीजन’ ने इस बैनर और पॉप-अप अलर्ट को हटाने के लिए पहले ही मुकदमा दायर कर दिया है। उनका तर्क है कि यह 1939 के संघीय कानून का उल्लंघन करता है, जो संघीय कर्मचारियों की राजनीतिक गतिविधियों को प्रतिबंधित करता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग: आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी!
इस गतिरोध के लिए सोशल मीडिया पर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन सहित डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन एक-दूसरे पर सीनेट में अटके बिल के लिए निशाना साध रहे हैं। डेमोक्रेट्स ने स्वास्थ्य सेवाओं में रिपब्लिकन द्वारा की गई कटौती के गंभीर परिणामों पर जोर दिया है, वहीं रिपब्लिकन सरकार सेवाओं में आई इस बंदी और देरी के लिए सीधे तौर पर डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
शटडाउन का कितना होगा आर्थिक बोझ? जानें चौंकाने वाले आंकड़े!
कांग्रेस के बजट कार्यालय (सीबीओ) ने इस शटडाउन से होने वाले भारी आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया है। सीबीओ के अनुसार, अमेरिका सरकार को केवल फ़र्लो वेतन के रूप में प्रतिदिन लगभग 400 मिलियन डॉलर का चूना लगेगा। कार्यालय का अनुमान है कि इस शटडाउन के चलते लगभग 7,50,000 कर्मचारियों को फ़र्लो पर भेजा जा सकता है, हालांकि यह संख्या शटडाउन की अवधि पर निर्भर करेगी। अच्छी खबर यह है कि शटडाउन समाप्त होने के बाद इन कर्मचारियों को उनका पिछला वेतन मिल जाएगा। लेकिन, एक कड़वी सच्चाई यह है कि कांग्रेस के सदस्य पूरे समय अपना वेतन पाते रहेंगे। सीबीओ ने यह भी आगाह किया है कि फ़र्लो वेतन के अलावा, भुगतानों में देरी, मुआवजे, अनुबंधों की समाप्ति और निजी क्षेत्र में मांग में आई समग्र गिरावट जैसे कारकों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। राष्ट्रपति के रूप में ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान 2018-19 में हुए शटडाउन से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लगभग 3 बिलियन डॉलर, यानी वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 0.02 प्रतिशत का नुकसान हुआ था।
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