सेबी का एनआरआई निवेश पर फोकस: केवाईसी सरलीकरण की दिशा में अहम कदम
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन, श्री तुहिन कांत पांडेय, ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) के लिए भारतीय पूंजी बाजारों में निवेश को सुगम बनाना नियामक संस्था का एक सर्वोपरि लक्ष्य है। यह पहल भारतीय अर्थव्यवस्था में एनआरआई की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
सेबी वर्तमान में ऐसे नवीन उपायों पर सक्रिय रूप से विचार कर रहा है, जिनके माध्यम से अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) को ‘अपने ग्राहक को जानें’ (केवाईसी) आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपने मूल देश की यात्रा करने की बाध्यता से मुक्त किया जा सके। यह कदम न केवल एनआरआई निवेशकों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाएगा, बल्कि समय और धन की बचत भी करेगा।
यहां बीएसई ब्रोकर्स फोरम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए, श्री पांडेय ने कहा, “हम अभी तक प्रतिभूति बाजार में एनआरआई की भागीदारी को सुविधाजनक बनाने के लिए एक सरल और सुरक्षित केवाईसी प्रक्रिया स्थापित करने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाए हैं। यह निश्चित रूप से हमारे लिए एक अत्यावश्यक लक्ष्य होगा।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस दिशा में और अधिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
इस महत्वपूर्ण लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, श्री पांडेय ने बताया कि सेबी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के साथ निरंतर संपर्क में है। इन नियामकों के साथ मिलकर एक ऐसी एकीकृत प्रणाली विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें एनआरआई को केवाईसी सत्यापन के लिए भारत आने की आवश्यकता न पड़े। यह सहयोगात्मक दृष्टिकोण एनआरआई निवेशकों के लिए भारतीय बाजारों में प्रवेश को और अधिक आकर्षक और सुलभ बनाने की क्षमता रखता है।
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