भारत-EU ऐतिहासिक डील: अब भारतीय सड़कों पर दौड़ेंगी सस्ती लग्जरी कारें, आयात शुल्क में 100% की भारी कटौती
भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच एक युगांतरकारी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर मुहर लग गई है, जो देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर की सूरत बदलने वाला है। इस ऐतिहासिक संधि के तहत, यूरोप में बनी कारों पर लगने वाला आयात शुल्क 110% के भारी-भरकम स्तर से घटकर अब मात्र 10% रह जाएगा। हालांकि, यह रियायत प्रति वर्ष 2,50,000 वाहनों के निर्धारित कोटे के तहत मिलेगी। यह कदम भारत में यूरोपीय कार निर्माताओं के लिए नए दरवाजे खोलेगा। दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा यात्री वाहन (PV) बाजार और सबसे तेज रफ्तार वाली अर्थव्यवस्था होने के नाते, भारत के लिए यह समझौता मील का पत्थर है। शुल्क में यह कटौती चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। साथ ही, यूरोपीय आयोग ने स्पष्ट किया है कि कार के पुर्जों पर लगने वाले शुल्क को भी अगले पांच से दस वर्षों में पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।
इसे भी पढ़ें: ट्रंप फैक्टर, 27 देशों संग खुला दोस्ती का नया चैप्टर, दुनिया का आर्थिक समीकरण बदलने वाली डील से हमारे हिस्से क्या आया?
वर्तमान में भारत में लग्जरी कारों को लाना एक महंगा सौदा है। 40,000 डॉलर तक की पूरी तरह से निर्मित कारों (CBU) पर 70% मूल सीमा शुल्क लगता है, जबकि इससे महंगी कारों पर सीमा शुल्क और कृषि उपकर मिलाकर कुल टैक्स 110% तक पहुंच जाता है। इसके उलट, स्थानीय असेंबली (CKD) के लिए आने वाले पुर्जों पर मात्र 16.5% शुल्क लगता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2024 में यूरोपीय संघ से भारत को मोटर वाहनों का निर्यात करीब 17,400 करोड़ रुपये (1.6 अरब यूरो) रहा। साल 2025 में भारत के लग्जरी कार बाजार में 51,000 से 52,000 यूनिट्स की बिक्री देखी गई, जिसमें मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसे जर्मन दिग्गजों का दबदबा रहा। फिलहाल बाजार में बिकने वाली 90% लग्जरी कारें स्थानीय स्तर पर ही असेंबल की जाती हैं।
इसे भी पढ़ें: 99% भारतीय निर्यात पर अब कोई शुल्क नहीं, पीयूष गोयल ने भारत-EU व्यापार समझौते को बताया ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’
मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू, ऑडी और जगुआर लैंड रोवर जैसे बड़े ब्रांड वर्तमान में महाराष्ट्र और तमिलनाडु में अपने असेंबली प्लांट चला रहे हैं। हालांकि, मर्सिडीज-बेंज G63 AMG, AMG S 63 E-परफॉर्मेंस और बीएमडब्ल्यू की M4, M5, i7 जैसी हाई-एंड कारें सीधे विदेश से (CBU के रूप में) मंगवाई जाती हैं। वहीं, जगुआर लैंड रोवर अपनी मशहूर ‘डिफेंडर’ को स्लोवाकिया से आयात करती है। इस समझौते का स्वागत करते हुए मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी और सीईओ संतोष अय्यर ने कहा, “यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो वैश्विक मंच पर हमारी अर्थव्यवस्था की ताकत को दर्शाती है। हम हमेशा से मुक्त व्यापार के पक्षधर रहे हैं क्योंकि यह न केवल व्यापारिक बाधाओं को हटाता है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत कर अर्थव्यवस्थाओं को एक-दूसरे की खूबियों का लाभ उठाने का मौका देता है।”
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


