बिहार चुनाव 2025: जब चंदा देवी बनेंगी राजनीतिक धुरंधर, खेसारी लाल यादव के इर्द-गिर्द गरमाती सियासत
पटना। बिहार में चुनावी बिगुल बज चुका है और राज्य का सियासी पारा आसमान छू रहा है। इस बीच, भोजपुरी सिनेमा का गूंजता हुआ नाम, यानी भोजपुरिया इंडस्ट्री भी खूब चर्चा में है। जहां एक ओर पावर स्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच का विवाद सार्वजनिक हो चुका है, वहीं दूसरी ओर एक और भोजपुरी सुपरस्टार अपनी पत्नी की वजह से सुर्खियों में हैं। हालांकि, यह चर्चा किसी नकारात्मकता के चलते नहीं, बल्कि एक बेहद सकारात्मक घटनाक्रम की ओर इशारा कर रही है।
हम बात कर रहे हैं भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के बेताज बादशाह, खेसारी लाल यादव की, जिनकी पत्नी चंदा देवी के बारे में कहा जा रहा है कि वह राजनीति में अपनी दमदार एंट्री करने वाली हैं। ऐसी अटकलें हैं कि चंदा देवी राजद के टिकट पर छपरा या मांझी सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। इस खबर ने लोगों में चंदा देवी के बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ा दी है, और सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर जबरदस्त सर्च अभियान छिड़ गया है।
यह जानना दिलचस्प है कि भोजपुरी की चहेती चंदा देवी, अन्य स्टार पत्नियों की तरह अक्सर सुर्खियों में नहीं रहतीं। वह मीडिया की नजरों से भी काफी दूर रहती हैं और उनकी दुनिया अब तक अपने घर-परिवार तक ही सीमित है।
‘खेसारी और चंदा की शादी 2006 में हुई’
भोजपुरी सिनेमा की अन्य स्टार पत्नियों की तरह, चंदा देवी शायद ही कभी लाइटों में या किसी खास इवेंट में नजर आती हैं। वह पूरी तरह से अपने परिवार को समर्पित हैं और एक आदर्श गृहिणी की भूमिका निभाती हैं। खेसारी लाल के संघर्षमय जीवन में अहम भूमिका निभाने वाली चंदा देवी ने हमेशा रिश्तों को प्राथमिकता दी है। खेसारी और चंदा की शादी वर्ष 2006 में संपन्न हुई थी।
‘अगर मेरी जिंदगी में चंदा नहीं होतीं तो…’ (खेसारी लाल यादव)
खेसारी लाल यादव कलाकार बनना चाहते थे, लेकिन उनके पास कोई ऐसा मजबूत बैकग्राउंड नहीं था जो उन्हें आगे बढ़ा सके। हालांकि, काम के प्रति उनका जुनून और चंदा के प्यार की ताकत ने उन्हें उस मुकाम तक पहुंचाया है, जो हर किसी के नसीब में नहीं होता। एक साक्षात्कार में खेसारी ने कहा था, “अगर मेरी जिंदगी में चंदा नहीं होतीं, तो शायद आज मैं यहां तक नहीं पहुँच पाता। उन्होंने मेरा साथ हर मुश्किल वक्त में दिया।”
दिल्ली में लिट्टी-चोखा की दुकान चलाते थे खेसारी लाल यादव
कभी दिल्ली में लिट्टी-चोखा की दुकान चलाने वाले खेसारी लाल यादव, चंदा देवी के अटूट समर्थन से ही एक सफल कलाकार बन सके। इस जोड़े के दो बच्चे हैं – एक बेटा और एक बेटी।
आइए, एक नज़र डालते हैं खेसारी लाल यादव के अब तक के सफर पर…
6 मार्च 1986 को बिहार के छपरा जिले के एक छोटे से गांव दुबरांव में जन्मे खेसारी लाल यादव का असली नाम शत्रुघ्न कुमार यादव है। खेसारी लाल यादव ने अपने करियर की शुरुआत एक गायक के तौर पर की थी। उनके भोजपुरी गाने ‘सैयां अरब गईले’ ने उन्हें पहचान दिलाई।
खेसारी लाल यादव ने अपने दम पर बनाया मुकाम
इसके बाद, उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। उनकी पहली फिल्म ‘साजन चले ससुराल’ (2012) सुपरहिट साबित हुई और खेसारी रातों-रात स्टार बन गए। इसके बाद, उन्होंने ‘नागिन’, ‘दिल ले गई ओढनिया वाली’, ‘मेहंदी लगा के रखना’, ‘संघर्ष’ जैसी कई सुपर हिट फिल्में दीं।
खेसारी लाल यादव की नेट वर्थ
आज, खेसारी लाल यादव भोजपुरी सिनेमा के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले कलाकारों में से एक हैं और उनका नाम मनोज तिवारी और पवन सिंह जैसे दिग्गज सितारों के साथ लिया जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खेसारी लाल यादव की नेट वर्थ लगभग 14 करोड़ रुपये है।
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