ऐश्वर्या राय का ‘मानवता’ पर ज़ोर, PM मोदी के पैर छूने से लेकर ‘एक ही जाति’ तक – वो पल जिसने जीता सबका दिल
नई दिल्ली: पूर्व विश्व सुंदरी और बच्चन परिवार की बहु ऐश्वर्या राय बच्चन इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लंबे समय बाद किसी बड़े सार्वजनिक समारोह में दिखाई दीं ऐश्वर्या की हर कोई तारीफ कर रहा है। दरअसल, बुधवार को आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में ऐश्वर्या राय बच्चन ने मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा किया।
इस दौरान ऐश्वर्या ने पीएम मोदी के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया, जो नज़ारा देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। इस कृत्य की सोशल मीडिया पर खूब सराहना हुई और लोगों ने ऐश्वर्या को ‘संस्कारी’ बताया।
शब्दों से भी जीता दिल:
लेकिन ऐश्वर्या की तारीफ की वजह सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रही। समारोह में अपने संबोधन के दौरान, ऐश्वर्या ने न केवल प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया, बल्कि उनके शब्दों ने भी लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का दिल से धन्यवाद करती हूं कि वो आज यहां इस समारोह में हमारे साथ हैं और इस खास अवसर की शोभा बढ़ा रहे हैं। सभी अतिथियों को भी मैं प्रणाम करती हूं और सभी का अभिवादन करती हूं।”
‘दुनिया में सिर्फ एक ही जाति है, वो है मानवता की जाति’:
इसके बाद ऐश्वर्या ने अपने विचारों से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा, “दुनिया में सिर्फ एक ही जाति है, वो है मानवता की जाति, केवल एक ही धर्म है, वो है प्यार का धर्म और केवल एक ही भाषा है, वो है दिल की भाषा, और केवल एक ही ईश्वर है, जो कि हर जगह मौजूद है।”
जीवन में पांच ‘D’ का महत्व:
उन्होंने भगवान श्री सत्य साईं बाबा के विचारों को साझा करते हुए जीवन में पांच ‘D’ के पालन पर जोर दिया, जिनसे जीवन की कठिनाइयां दूर हो सकती हैं:
- D-Discipline (अनुशासन)
- D-Dedication (समर्पण)
- D- Devotion (भक्ति)
- D-Determination (दृढ़ संकल्प)
- D -Discrimination (विवेक)
ऐश्वर्या राय की अपनी जाति क्या है?
जहाँ एक ओर लोग ऐश्वर्या की स्पीच की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ लोगों के मन में उनकी अपनी जाति को लेकर भी उत्सुकता है। अमिताभ बच्चन के कायस्थ होने के विपरीत, ऐश्वर्या राय बच्चन का जन्म 1 नवंबर 1973 को कर्नाटक के मैंगलोर में एक तुलुवा हिंदू परिवार में हुआ था। इसलिए उन्हें मैंगलोरी भी कहा जाता है। तुलू लोग बंत समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जो मुख्य रूप से कर्नाटक के तटीय जिलों (तुलुनाडु क्षेत्र) से हैं। इस समुदाय को भारतीय योद्धा अभिजात वर्ग से जोड़ा जाता है और कहीं-कहीं उन्हें क्षत्रिय भी कहा जाता है। इस समुदाय के लोग राय, शेट्टी और हेगड़े जैसे उपनाम लगाते हैं।
कर्नाटक राज्य में ये लोग ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समूह में आते हैं, हालांकि ऐश्वर्या का नाम राज्य की केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल नहीं है। ऐश्वर्या तुलू, हिंदी और अंग्रेजी में पारंगत हैं और बच्चन परिवार की बहू बनने के बाद से उनके परिवार के सभी रीति-रिवाजों का पालन बखूबी कर रही हैं।
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