धर्मेंद्र की पेंशन: हेमा मालिनी या प्रकाश कौर, कौन है असली वारिस?

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धर्मेंद्र की पेंशन: हेमा मालिनी या प्रकाश कौर, कौन है असली वारिस?
Hema Malini या Prakash Kaur, कौन है धर्मेंद्र की पेंशन का असली हकदार, किसे मिलेगा पैसा? | hema malini or prakash kaur who will get actor and mp dharmendra pension

धर्मेंद्र की पेंशन: कौन होगा असली हकदार, प्रकाश कौर या हेमा मालिनी?

नई दिल्ली: बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ और पूर्व सांसद धर्मेंद्र को हमने 24 नवंबर को 89 साल की उम्र में खो दिया। धर्मेंद्र ने न सिर्फ अपने अभिनय से लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई, बल्कि 2004 से 2009 तक बीजेपी के टिकट पर लोकसभा सांसद के रूप में जनता की सेवा भी की।

उनके निधन के बाद, फिल्मी और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुख की घड़ी में, धर्मेंद्र की निजी जिंदगी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कानूनी सवाल भी सामने आ खड़ा हुआ है: उनकी सांसद पेंशन का वारिस कौन होगा? क्या यह हक़ उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर को मिलेगा या फिर ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी को? यह मामला सिर्फ रिश्तों का नहीं, बल्कि सालों पुराने कानूनी पेचीदगियों का भी है।

पेंशन का हकदार कौन? नियमों में उलझन क्यों?

सांसद के तौर पर धर्मेंद्र को सरकारी नियमों के तहत पेंशन मिलती थी, जो उनके निधन के बाद उनकी पत्नी को मिलनी तय है। लेकिन, दो पत्नियों के मामले में कानूनी पेच यह है कि सरकारी नियम किसे मान्यता देते हैं?

कानून का सीधा जवाब: सिर्फ ‘वैध’ शादी को मान्यता

भारत में सांसद पेंशन से जुड़े नियम, जैसे CCS (Pension) Rules, 2021 (सेंट्रल सिविल सर्विसेज), स्पष्ट रूप से कहते हैं कि पेंशन केवल उस पत्नी को मिलती है जिसकी शादी कानून की नज़र में वैध मानी जाती हो।

  • प्रकाश कौर से पहली शादी: धर्मेंद्र ने प्रकाश कौर से 1954 में शादी की थी। यह शादी हिंदू विवाह अधिनियम के तहत हुई थी और आज भी कानूनी रूप से मान्य है।
  • हेमा मालिनी से दूसरी शादी: धर्मेंद्र ने प्रकाश कौर को तलाक दिए बिना ही हेमा मालिनी से दूसरी शादी की थी।
  • धर्म बदलने का असर? मीडिया में ऐसी खबरें थीं कि धर्मेंद्र ने दूसरी शादी के लिए अपना धर्म बदला था, लेकिन कानूनी विशेषज्ञ मानते हैं कि हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के तहत, पहली पत्नी के जीवित रहते और बिना तलाक दिए दूसरी शादी करना अवैध माना जाता है।

भले ही समाज ने दोनों शादियों को स्वीकार कर लिया हो, लेकिन सरकारी कागजों और कानून की नज़र में, दूसरी शादी को पेंशन के लिए मान्यता नहीं मिलती।

पेंशन का असली हकदार कौन होगा?

कानूनी जानकारों और पेंशन नियमों के विश्लेषण के आधार पर, यह मामला एकदम साफ है:

  • प्रकाश कौर: वह कानूनी रूप से वैध (Valid) और पहली पत्नी हैं। इसलिए, पेंशन का पूरा अधिकार सिर्फ प्रकाश कौर को ही होगा।
  • हेमा मालिनी: चूँकि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत उनकी दूसरी शादी कानूनी रूप से वैध नहीं मानी जाती है, इसलिए उन्हें पेंशन पर कोई कानूनी अधिकार नहीं मिलेगा।

बंटवारे का नियम यहां क्यों लागू नहीं?

सांसद पेंशन नियमों में यह प्रावधान है कि यदि किसी पूर्व सांसद की दो कानूनी पत्नियां हों (जैसे पहली पत्नी की मृत्यु के बाद दूसरी शादी), तो पेंशन का पैसा दोनों पत्नियों के बीच बराबर बांटा जाता है। लेकिन धर्मेंद्र के मामले में यह नियम लागू नहीं होता, क्योंकि उनकी दूसरी शादी कानूनी रूप से वैध नहीं है।

पूर्व सांसद धर्मेंद्र की MP पेंशन का पूरा अधिकार केवल उनकी पहली और कानूनी पत्नी प्रकाश कौर को ही मिलेगा। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सामाजिक मान्यता और कानूनी परिभाषाओं के बीच कितना बड़ा अंतर हो सकता है।


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