महाराष्ट्र के किसानों को सहारा: ₹31,628 करोड़ का महा-राहत पैकेज घोषित!
मुंबई: हालिया विनाशकारी बाढ़ और मूसलाधार बारिश से प्रभावित महाराष्ट्र के किसानों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को ₹31,628 करोड़ के एक व्यापक राहत पैकेज की घोषणा की, जो किसानों को न केवल आर्थिक संबल देगा, बल्कि उन्हें फिर से खड़ा होने की राह भी दिखाएगा।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि बाढ़ से बर्बाद हुई कृषि भूमि के लिए प्रति हेक्टेयर ₹47,000 नकद और मनरेगा के तहत ₹3 लाख का विशेष प्रावधान किया गया है। इतना ही नहीं, प्रत्येक पीड़ित किसान को ₹10,000 की तत्काल नकद राहत और क्षतिग्रस्त कुओं के लिए ₹30,000 तक का मुआवजा मिलेगा।
पशुधन से लेकर घरों तक, हर नुकसान की भरपाई
यह राहत पैकेज सिर्फ फसलों तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पशुधन के नुकसान की भी पूरी भरपाई की जाएगी। अब हर मृत पशु के लिए ₹32,000 का मुआवजा मिलेगा, जो एनडीआरएफ के पुराने मानदंडों को काफी विस्तारित करता है। क्षतिग्रस्त या तबाह हुए घरों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सहायता प्रदान की जाएगी, वहीं दुकानदारों को ₹50,000 तक की तत्काल राहत मिलेगी।
पूरे राज्य में फैला विनाश, पर उम्मीद की किरण
यह बाढ़ राज्य के 36 में से 29 जिलों में कहर बनकर टूटी, जिसने 253 तालुका और 2,000 से अधिक राजस्व मंडलों को प्रभावित किया। मानसून में बोई गई 1.43 करोड़ हेक्टेयर ज़मीन में से 68 लाख हेक्टेयर से ज़्यादा पर खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। इतना ही नहीं, कटाव ने करीब 60,000 हेक्टेयर कृषि भूमि की उपजाऊ ऊपरी मिट्टी को भी बहा दिया, जिससे भविष्य में खेती की संभावनाएं भी धुंधली हो गईं।
आंकड़ों से परे, मानवता की सेवा
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी आर्थिक या भावनात्मक आघात की 100% भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सरकार का लक्ष्य किसानों को उनके पैरों पर फिर से खड़ा करना है। इस पैकेज में फसलों, ज़मीन, घरों, मवेशियों के बाड़ों और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे के नुकसान की भरपाई के साथ-साथ घायलों के इलाज और शोक संतप्त परिवारों के लिए अनुग्रह राशि भी शामिल है।
रबी सीजन की तैयारी और बीमा का लाभ
सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसान आगामी रबी सीजन के लिए पूरी तरह तैयार रहें। मुआवजा राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, लगभग 45 लाख बीमित किसानों को फसल बीमा के तहत प्रति हेक्टेयर ₹17,000 की राशि मिलेगी, जो उन्हें थोड़ी राहत प्रदान करेगा। यह कदम किसानों में विश्वास जगाने और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


