छत्तीसगढ़: हेल्थकेयर, वेलनेस और पर्यटन का नया क्षितिज!
रायपुर: छत्तीसगढ़ अब केवल औद्योगिक क्षेत्र तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह हेल्थकेयर, वेलनेस और पर्यटन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाने के लिए तैयार है। यह विश्वास छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री साय ने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में ‘जीएसटी 2.0’ ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और गतिशीलता प्रदान की है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन के साथ कदम मिलाते हुए, प्रदेश सरकार ने ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पिछले डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक सुधार लागू किए गए हैं। अब हम ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से आगे बढ़कर ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ के युग में प्रवेश कर चुके हैं।
नई औद्योगिक नीति: प्रगति की आधारशिला
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की नींव साबित हो रही है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, जिसके परिणामस्वरूप मात्र एक वर्ष में प्रदेश को लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोज़गार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी।
हेल्थकेयर में बंपर निवेश: मेडिसिटी बनेगा मेडिकल हब
‘छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट’ में हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं, जिनमें रायपुर के गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और मां पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोज़गार सृजित होंगे।
नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी, छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का एक बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। इससे न केवल प्रदेश बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीज़ों को भी विश्वस्तरीय सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश सरकार फार्मा हब के विकास पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है, जो दवाओं की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
पर्यटन को मिलेगा नया पंख: होटल और हॉस्पिटैलिटी में भारी निवेश
छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता, पर्यटन उद्योग के लिए अपार संभावनाएं प्रस्तुत करती हैं। ‘छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट’ में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने के महत्व पर ज़ोर दिया और कहा कि इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने होटल, रिसॉर्ट, होम-स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमियों से प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया।
निवेश की सरलता: ‘वन क्लिक’ सिस्टम का भरोसा
मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ में ‘सिंगल विंडो वन क्लिक’ सिस्टम लागू है, जिससे किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण दिया कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद, पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं, और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है।
भविष्य की ओर कदम: AI और पावर हब
छत्तीसगढ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में AI डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को AI और डेटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में भी तेजी से अग्रसर है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है, और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा।
सेंट्रल इंडिया की लोकेशन: निवेश के लिए आदर्श
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन को विशेष बताते हुए कहा कि कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए एक आदर्श गंतव्य बनाते हैं। प्रदेश में एयर कार्गो सेवा की शुरुआत से व्यापार में और भी तेज़ी आने की उम्मीद है।
सेवा क्षेत्र की नई पहचान: विकास का नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि छत्तीसगढ़ अब केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र के उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और AI आधारित इंडस्ट्री आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नए आयाम देंगे।
निवेश प्रस्तावों का लेखा-जोखा:
- कुल निवेश प्रस्ताव: 3,119.07 करोड़ रुपये
- स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र: 2,466.77 करोड़ रुपये (लगभग 6,000 रोज़गार सृजन, 2,800 से अधिक नए हॉस्पिटल बेड)
- होटल-पर्यटन क्षेत्र: 652.3 करोड़ रुपये (7,000 से अधिक रोज़गार सृजन)
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निवेश छत्तीसगढ़ को हेल्थकेयर, वेलनेस और पर्यटन का नया केंद्र बनाएगा और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के संकल्पित ‘विकसित भारत’ के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के उद्योगों और निवेशकों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ में विकास का एक नया अध्याय लिखा जाएगा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, संचालक संस्कृति विवेक आचार्य, संचालक उद्योग प्रभात मालिक, सीआईआई के चेयरमैन संजय जैन भी उपस्थित रहे।
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