वित्तीय साक्षरता का महायज्ञ: दिल्ली में PNB के मेगा कैंप में CM रेखा गुप्ता और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का उद्बोधन
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वित्तीय साक्षरता के प्रसार और नागरिकों को उनकी लावारिस जमा राशि से पुनः जोड़ने के नेक उद्देश्य से पंजाब नेशनल बैंक (PNB) द्वारा एक विशाल जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने शिरकत की, जिससे आयोजन को नई ऊर्जा मिली।
दिल्ली के नागरिकों, बैंक अधिकारियों और वित्तीय विशेषज्ञों ने इस मेगा कैंप में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो वित्तीय साक्षरता की बढ़ती महत्ता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सराहा “मेरी पूँजी, मेरा अधिकार” पहल
संबोधन के दौरान, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस वित्तीय जागरूकता अभियान की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने पिछले एक दशक में देश में नागरिकों के बीच वित्तीय जागरूकता के स्तर में आए अभूतपूर्व सुधार पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले 10 वर्षों में हमने बैंकिंग क्षेत्र में आम लोगों की भागीदारी में जबरदस्त वृद्धि देखी है। बैंकिंग से जुड़ी सरकारी योजनाओं के प्रति न केवल जागरूकता बढ़ी है, बल्कि लोगों की रुचि भी बढ़ी है।”
मुख्यमंत्री ने शासन में हो रहे सकारात्मक बदलावों पर जोर देते हुए कहा कि अब सीधे लाभ लाभार्थियों तक पहुँच रहे हैं। उन्होंने कहा, “पहले यह कहा जाता था कि यदि सरकार एक रुपया भेजती है, तो उसका केवल 10 पैसे ही आम लोगों के कल्याण तक पहुँच पाता है। लेकिन अब, नरेंद्र मोदी के शासन में, यह संभव हुआ है कि पूरा एक रुपया सीधा जनता तक पहुंचे, और आप सभी ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”
जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में एक क्रांति
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार की प्रमुख पहल ‘मेरी पूँजी, मेरा अधिकार’ का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने इसे वित्तीय प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर बताया। यह योजना, सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं और जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से, लावारिस धनराशि, जमा राशि और म्यूचुअल फंड को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुँचाने पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया, “‘मेरी पूँजी, मेरा अधिकार’ योजना के माध्यम से लावारिस धन, जमा राशि और म्यूचुअल फंड को लोगों तक वापस पहुँचाने का विचार एक सकारात्मक दिशा में बड़ा कदम है। यह योजना सरकार और आम नागरिकों के बीच एक सीधा संबंध स्थापित कर रही है, और साथ ही सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता को भी बढ़ा रही है।”
इस पहल को ‘अद्भुत और अनोखा’ बताते हुए, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एएनआई को बताया, “जनता का करोड़ों रुपया विभिन्न बैंक खातों में लावारिस पड़ा था… जनता को उनका पैसा वापस मिलना जनहित में है। इससे अधिक पारदर्शिता और क्या हो सकती है। साफ नीयत और नीतियों का यह सबसे बड़ा उदाहरण है कि आज जनता को उनका पैसा मिल रहा है।”
उन्होंने आगे बताया कि अब तक इस योजना के तहत लोगों को 85 करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं, जो वित्तीय समावेशन और नागरिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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