Farmer Registry Bihar: बिहार के किसानों के लिए बेहद खास फैसला लिया गया है. राज्य में किसानों की अपनी डिजिटल पहचान होगी. दरअसल, फार्मर रजिस्ट्री पहल से किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पारदर्शी और समय से मिल सकेगा. ऐसे में किसानों से फार्मर आईडी बनाने की अपील की गई है. इस पहल को लेकर कड़ी निगरानी भी की जायेगी.
8 दिन होगी गहन समीक्षा
जानकारी के मुताबिक, फार्मर रजिस्ट्री को लेकर 6 से लेकर 9 जनवरी और 18 से लेकर 21 जनवरी तक गहन समीक्षा की जायेगी. साफ है कि दो चरणों में गहन समीक्षा की जायेगी. दरअसल, फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया में किसानों का ई-केवाईसी कृषि विभाग के कर्मियों की तरफ से किया जायेगा जबकि बकेट सत्यापन राजस्व विभाग के राजस्व कर्मियों की तरफ से किया जायेगा.
मिशन मोड में लक्ष्य को किया जायेगा पूरा
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा की तरफ से एक पोस्ट शेयर किया गया. जिसमें लिखा, ‘एग्री स्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री को सशक्त और प्रभावी बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं. इस लक्ष्य को मिशन मोड में पूरा करने के लिये कड़ी निगरानी, दैनिक मॉनिटरिंग, संरचित समीक्षा और तकनीकी सहयोग के साथ प्रगति का स्पष्ट रोडमैप तय किया गया है.’
अवेयर मीडिया नेटवर्क
अब तक 31 प्रतिशत हुआ ई-केवाईसी
मंत्री विजय सिन्हा ने अपने पोस्ट में यह भी जिक्र किया कि अब तक 31 प्रतिशत ई-केवाईसी किया गया है. साथ ही जमाबंदी बकेट क्लेम 4.8 प्रतिशत किया गया है. ऐसे में इसी आधार पर फार्मर रजिस्ट्री को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जायेगी. इससे पहले कृषि मंत्री रामकृपाल यादव की तरफ से कहा गया था कि राज्य में पीएम-किसान के 75 लाख से भी ज्यादा एक्टिव लाभुक हैं. ऐसे में अगली किस्त का लाभ लेने के लिए किसानों को फार्मर आईडी बनाना बेहद जरूरी है.
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