सुरक्षा का घेरा: देश भर में हाई-प्रोफाइल भाजपा नेताओं को मिली वीआईपी सुरक्षा
नई दिल्ली: देश में चुनावी सरगर्मी के बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई प्रमुख नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। खुफिया एजेंसियों से मिली इनपुट के आधार पर, जिन नेताओं की जान को संभावित खतरा बताया गया है, उनमें पश्चिम बंगाल के पूर्व टीएमसी नेता शुभेंदु अधिकारी और भोजपुरी सुपरस्टार से राजनेता बने पवन सिंह प्रमुख हैं। यह कदम आगामी चुनावों को देखते हुए राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शुभेंदु अधिकारी: पश्चिम बंगाल से राष्ट्रीय स्तर तक Z श्रेणी की सुरक्षा
नंदीग्राम आंदोलन के दिग्गज और पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले शुभेंदु अधिकारी को भाजपा में शामिल होने से कुछ समय पहले, दिसंबर 2020 में, जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई थी। शुरुआत में यह सुरक्षा सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित थी, और राज्य से बाहर यात्रा करने पर उन्हें वाई+ श्रेणी की सुरक्षा मिलती थी। लेकिन, उनकी सुरक्षा को लेकर हालिया खुफिया रिपोर्टों ने चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसके चलते गृह मंत्रालय ने अब उनकी सुरक्षा को पूरे देश में जेड श्रेणी में अपग्रेड कर दिया है। अब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कमांडो चौबीसों घंटे उनकी सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे।
पवन सिंह: वाई श्रेणी की सुरक्षा के साथ राजनीतिक गलियारों में हलचल
भोजपुरी संगीत और सिनेमा के जाने-माने चेहरे पवन सिंह को 8 अक्टूबर, 2025 को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इस सुरक्षा घेरे में कुल आठ कर्मी शामिल हैं, जिनमें उनके आवास पर पांच सशस्त्र सुरक्षा गार्ड और तीन निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) बारी-बारी से ड्यूटी पर रहेंगे। यह निर्णय उनके खिलाफ संभावित खतरों से संबंधित खुफिया सूचनाओं पर आधारित है। पवन सिंह की हालिया मुलाकातें, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोस) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं, आगामी चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक कयासों को हवा दे रही हैं। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि वह 2024 में आरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं, खासकर काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद पार्टी से निकाले जाने के बाद भाजपा में उनकी संभावित वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं।
अन्य प्रमुख नेता जिन्हें मिली वीआईपी सुरक्षा:
- दिनेश लाल यादव (‘निरहुआ’): 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले आजमगढ़ से भाजपा में शामिल होने के बाद वाई+ श्रेणी की सुरक्षा।
- मिथुन चक्रवर्ती: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले मार्च 2021 में भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद वाई+ सुरक्षा।
- अभिजीत गंगोपाध्याय: कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश, मार्च 2024 में भाजपा में शामिल होने और तामलुक लोकसभा सीट जीतने के बाद वाई+ सुरक्षा।
- राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी और मनजिंदर सिंह सिरसा: दिसंबर 2021 में भाजपा में शामिल होने के बाद जेड-श्रेणी की सुरक्षा; दोनों क्रमशः पंजाब और दिल्ली में पूर्व मंत्री रह चुके हैं।
- मुकुल रॉय: 2017 में भाजपा में दोबारा शामिल होने के बाद वाई+ श्रेणी की सुरक्षा को जेड श्रेणी में अपग्रेड किया गया था, और बाद में 2021 में टीएमसी में लौट आए।
- सुशील कुमार रिंकू और शीतल अंगुराल: खुफिया जानकारी के बाद पंजाब में वाई श्रेणी की सुरक्षा, दोनों हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) से भाजपा में शामिल हुए हैं।
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