धान अधिप्राप्ति की राह में बाधाएं और समाधान: एक मंथन
पटना: 26 नवंबर 2025 को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री कक्ष में धान खरीद की चुनौतियों और उनके निवारण पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस अहम बैठक की अध्यक्षता विभाग की मंत्री, माननीय श्रीमती लेशी सिंह ने की, जिसमें सहकारिता विभाग के मंत्री, माननीय डॉ. प्रमोद कुमार भी विशेष रूप से शामिल हुए।
बैठक की शुरुआत बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (अधिप्राप्ति), श्री रमेन्द्र कुमार की विस्तृत प्रस्तुति के साथ हुई। उन्होंने धान खरीद की वर्तमान स्थिति, चावल की गुणवत्ता, और साधारण चावल को फोर्टिफाइड चावल में बदलने की पूरी प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। प्रस्तुति में धान खरीद के दौरान PACS स्तर पर आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स और प्रसंस्करण से जुड़ी अहम बातों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
PACS की मांगों पर तत्परता से कार्रवाई का आश्वासन
माननीय मंत्री श्रीमती लेशी सिंह ने PACS प्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई चिंताओं को ध्यान से सुना और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में PACS की दो प्रमुख मांगों पर त्वरित कदम उठाने का निर्णय लिया गया: राइस मिलों की वास्तविक क्षमता का आकलन और लंबित भुगतानों का अविलंब निपटारा। मंत्री महोदया ने स्पष्ट किया कि PACS को भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी लंबित भुगतान निर्धारित समय-सीमा में पूरे होने चाहिए।
ब्याज-मुक्त अवधि की सुविधा पर सकारात्मक विचार
समीक्षा बैठक में PACS की एक अन्य महत्वपूर्ण मांग पर भी चर्चा हुई, जिसमें वे दो महीने के स्थान पर खरीद से संबंधित कुल छह महीने की ब्याज-मुक्त अवधि का लाभ चाहते थे। इस संबंध में, माननीय मंत्री ने PACS को आश्वस्त किया कि विभाग इस प्रस्ताव पर सकारात्मकता से विचार कर रहा है और जल्द ही आवश्यक निर्णय लिया जाएगा, जिससे PACS इकाइयों को वित्तीय राहत मिल सके।
पारदर्शिता और समन्वय को बढ़ावा देने की पहल
यह भी तय हुआ कि धान खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और PACS व सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत करने के लिए शीघ्र ही राज्य के सभी जिलों के सहकारी बैंकों के अध्यक्षों के साथ एक विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी। इस प्रस्ताव पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और सहकारिता विभाग के दोनों माननीय मंत्रियों ने अपनी सहमति जताते हुए PACS प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि विभाग खरीद से जुड़ी सभी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
किसानों के हित और PACS की मजबूती पर जोर
अंत में, माननीय मंत्री श्रीमती लेशी सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा, PACS को सशक्त बनाने और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि धान खरीद सुचारू और समय पर हो, तथा सभी संबंधित पक्षों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्राप्त हों। इस बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार, सचिव श्री नैय्यर इकबाल, सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेंद्र सिंह, तथा दोनों विभागों और बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारीगण व PACS के प्रतिनिधि शामिल हुए।
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