उत्तर प्रदेश भाजपा में नए चेहरे की दस्तक: अध्यक्ष पद की रेस तेज, नाम की घोषणा जल्द!
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर सरगर्मियां तेज हो चली हैं। सोमवार को भाजपा-आरएसएस की अहम बैठक से मिले संकेतों के अनुसार, इस बहुप्रतीक्षित चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब केवल औपचारिक घोषणा का इंतजार है। सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में, संभवतः इसी सप्ताह के अंत तक, उत्तर प्रदेश को अपना नया भाजपा अध्यक्ष मिल जाएगा।
इस बीच, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संकेत दिया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की घोषणा भी जल्द ही हो सकती है। सोमवार को आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार और भाजपा के प्रमुख नेताओं के साथ लखनऊ में गोपनीय बैठकें कीं। आरएसएस के राष्ट्रीय समन्वयक अरुण कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष ने क्षेत्र प्रचारकों और काशी क्षेत्र के पदाधिकारियों से मुलाकात कर सरकार के कामकाज और पार्टी की गतिविधियों पर फीडबैक लिया।
इसके बाद, कुमार और संतोष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक के साथ मुख्यमंत्री आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें मौजूदा राज्य भाजपा प्रमुख भूपेंद्र चौधरी और राज्य महासचिव (संगठन) धर्मपाल सिंह भी शामिल थे।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में हाल ही में हुई एक बैठक में केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नौ संभावित नामों पर विचार किया था, जिनमें तीन ब्राह्मण, तीन ओबीसी और तीन दलित समुदायों से थे।
वहीं, पार्टी के भीतर एसआईआर निगरानी टीम की एक रिपोर्ट को लेकर असंतोष भी देखा गया, जिसमें मंत्रियों, सांसदों और विधायकों द्वारा इस प्रक्रिया में रुचि न दिखाने का उल्लेख है। प्रदेश अध्यक्ष चुनाव के प्रभारी पियूष गोयल और विनोद तावड़े निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ा रहे हैं।
फिलहाल, अध्यक्ष पद के लिए जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें दिनेश शर्मा, हरीश द्विवेदी, ओबीसी नेता धर्मपाल सिंह, बीएल वर्मा, दलित चेहरा रामशंकर कठेरिया और विद्या सागर सोनकर प्रमुख हैं।
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