थार की तपती रेत पर एक भयावह रात: जैसलमेर-जोधपुर मार्ग पर बस बनी मौत का सौदागर
राजस्थान के थार रेगिस्तान की झुलसा देने वाली गर्मी ने एक ऐसी रात को अपनी गिरफ्त में ले लिया, जो जैसलमेर से जोधपुर की एक सामान्य यात्रा को चीत्कार और भय की चीखों से भर गई। 14 अक्टूबर की काली रात, जैसलमेर से महज़ 10 किलोमीटर दूर थईयात गाँव के पास, एक निजी वातानुकूलित स्लीपर बस, जो परिवारों और बच्चों समेत 57 यात्रियों को अपने गर्भ में समेटे हुए थी, आग की लपटों में समा गई। विडंबना देखिए, यह चमचमाती, पांच दिन पहले ही एसी से सुसज्जित हुई नई बस, पल भर में ही मृत्यु के एक भयावह जाल में बदल गई। इस दर्दनाक हादसे में, इक्कीस बेकसूर जानों, जिनमें तीन मासूम बच्चे भी शामिल थे, की पहचान करना भी मुश्किल हो गया, वे जलकर खाक हो गए। वहीं, सोलह अन्य गंभीर रूप से झुलसे हुए, स्थानीय अस्पतालों में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे हैं।
इस राष्ट्रीय त्रासदी पर भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए, मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भी तुरंत जैसलमेर के दुर्घटना स्थल और जोधपुर के अस्पताल का दौरा कर पीड़ितों का हाल जाना।
मुख्यमंत्री सहायता कोष की उदारता: पीड़ितों के परिवारों को तत्काल राहत
राजस्थान सरकार ने इस हृदय विदारक जैसलमेर बस हादसे में जान गंवाने वालों के आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए तत्परता दिखाई है। आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मृतकों के आश्रितों को ₹10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। यह घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ितों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें हरसंभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। घायलों के बेहतर इलाज को भी सरकार अपनी प्राथमिकता मान रही है।
इस सहायता के तहत, जिन परिवारों ने इस दुर्घटना में तीन या अधिक सदस्यों को खोया है, उन्हें ₹25-25 लाख रुपये की विशेष सहायता प्रदान की जाएगी। गंभीर रूप से घायलों को ₹2-2 लाख रुपये और अन्य घायलों को ₹1-1 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री सहायता कोष नियमों में विशेष शिथिलता बरतते हुए यह महत्वपूर्ण स्वीकृति प्रदान की गई है।
भागती हुई मौत: ग्यारह मिनट की उड़ान और आग का कहर
बुधवार की दोपहर बाद, जोधपुर की ओर बढ़ रही एक निजी बस, जैसलमेर से रवाना होने के बमुश्किल दस मिनट के भीतर ही आग की भेंट चढ़ गई। देखते ही देखते, यह चलती-फिरती बस एक आग के गोले में तब्दील हो गई। इस भयावह घटना में, 19 यात्री जिंदा जल गए और 16 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। गंभीर रूप से घायलों में से एक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया, और एक अन्य घायल ने बुधवार को अपनी अंतिम सांस ली, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ गया।
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