कोलकाता की रणभूमि: SIR पर घमासान, BLO की मौत, बीजेपी-TMC का वार-पलटवार, पारा हुआ हाई!

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
4 Min Read
कोलकाता की रणभूमि: SIR पर घमासान, BLO की मौत, बीजेपी-TMC का वार-पलटवार, पारा हुआ हाई!
कोलकाता में SIR पर घमासान: बीजेपी-TMC भिड़े, BLO मौतें और दबाव पर गरमाया सियासी पारा

कोलकाता में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर गरमाई सियासत: बीजेपी-टीएमसी भिड़े, SIR प्रक्रिया बनी चिंगारी

कोलकाता: सोमवार देर रात कोलकाता में चुनाव आयोग के मुख्य कार्यालय के बाहर अचानक तनाव का माहौल छा गया, जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर दोनों दलों के समर्थकों के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस को तुरंत हरकत में आकर बैरिकेड लगाकर स्थिति को नियंत्रण में लेना पड़ा।

यह SIR प्रक्रिया वर्तमान में पूरे पश्चिम बंगाल में चल रही है और इसी को लेकर सोमवार रात को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी चुनाव कार्यालय के मुख्य द्वार पर जमा हो गए थे। बीजेपी के उत्तर कोलकाता जिला अध्यक्ष तमोघ्न घोष ने ANI से बातचीत में सीधा आरोप लगाया कि टीएमसी के लोग रात में कार्यालय पहुंचकर संशोधन प्रक्रिया से छेड़छाड़ करने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ये लोग BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) नहीं, बल्कि गुंडे हैं और आधी रात को यहां गड़बड़ी करने आए थे, जिन्हें हमने रोका है।”

वहीं, मुर्शिदाबाद से आए एक शिक्षक ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो प्रक्रिया सामान्यतः दो साल में पूरी होती है, उसे मात्र दो महीने में निपटाने की कोशिश की जा रही है। उनका गंभीर आरोप था कि “बिहार में करोड़ों वोटर लिस्ट से हटाए गए थे और यहां भी वैसा ही कुछ करने की साज़िश रची जा रही है।” उन्होंने चेतावनी दी कि हज़ारों BLO तभी वापस लौटेंगे जब उनकी बात सुनी जाएगी।

गौरतलब है कि BLOs पर काम का बढ़ता बोझ कोई नई बात नहीं है। सोमवार दिन में भी चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर इस मुद्दे को लेकर विरोध दर्ज किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई BLOs काम के चलते बीमार पड़ चुके हैं और 4 नवंबर से शुरू हुई गिनती के बाद से कम-से-कम तीन BLOs की मौत भी हो चुकी है। इनमें से दो मौतें आत्महत्या बताई गई हैं, जबकि एक मामला “संदिग्ध परिस्थितियों” में हुई मौत का है।

इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR को लेकर चुनाव आयोग पर “जल्दबाज़ी और बिना योजना के क्रियान्वयन” का आरोप लगाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इतनी तेज़ गति से संशोधन प्रक्रिया चलाना उचित नहीं है और इससे BLOs पर भारी दबाव बन रहा है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने BLOs की कठिनाइयों को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि वे “बहुत कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं” और उनके स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जिलाधिकारियों को BLOs की मदद करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन जिलों में मौतें हुई हैं, वहां से पुलिस और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मांगी गई है। अग्रवाल ने BLOs की सराहना करते हुए कहा कि वे “अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं” और इस पूरी प्रक्रिया के “वास्तविक नायक” हैं।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *