महाराष्ट्र की सियासत में 16 जनवरी 2026 का दिन एक बड़े राजनीतिक उलटफेर के तौर पर दर्ज हो गया है। बृहन्मुंबई मुनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) समेत 29 नगर निगमों के चुनाव परिणामों ने महायुति (भाजपा-शिवसेना शिंदे गुट-एनसीपी) की धुंआधार जीत की कहानी लिखी है। सबसे बड़ा उलटफेर मुंबई में हुआ, जहां ठाकरे परिवार की 30 साल पुरानी सत्ता का दबदबा टूट गया और पहली बार इस नगर निकाय में भाजपा-शिंदे गठबंधन की सरकार बनने जा रही है।
लोकसभा 2024 और विधानसभा 2025 के बाद अब स्थानीय निकाय चुनावों में भी विपक्ष के हार का सिलसिला जारी है, जिसका सबसे बुरा प्रभाव राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) पर पड़ा है। मनसे को चुनावी रण में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है और 22 शहरों में उसका सूपड़ा साफ हो गया है। आइए, इन नतीजों के विस्तृत विश्लेषण के साथ जानते हैं कि कैसे ठाकरे बंधुओं की जोड़ी फ्लॉप साबित हुई और महाराष्ट्र की सियासी तस्वीर किस तरह बदली।
BMC चुनाव परिणाम 2026: इतिहास का पलटाव
15 जनवरी 2026 को 29 नगर महापालिकाओं के 893 वार्ड्स पर मतदान हुआ, जिसकी मतगणना 16 जनवरी की सुबह से शुरू हुई। दोपहर तक रुझान साफ कर चुके थे कि महायुति ने एकतरफा जीत हासिल की है। भाजपी अकेले ही 866 वार्ड्स में आगे रही, जबकि शिंदे शिवसेना ने 216 सीटों पर अपनी बढ़त बनाई। कांग्रेस को 171 सीटों पर बढ़त मिली, लेकिन उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना (यूबीटी) महज 83 सीटों तक सीमित रह गई। सबसे बुरा हाल राज ठाकरे की मनसे का रहा, जिसे मात्र 9-2 सीटों पर बढ़त मिली।
यह परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि लोकसभा और राज्यसभा चुनावों के बाद अब महायुति ने लोकल लेवल पर भी अपना वर्चस्व कायम कर लिया है। लगभग 50% मतदान के साथ, महायुति ने नागपुर, पुणे, नासिक और मुंबई जैसे बड़े शहरों में मोर्चा संभाला, जबकि विपक्ष को सिर्फ लातूर जैसे कुछ इलाकों में ही राहत मिली।
BMC परिणाम: ठाकरे परिवार की 30 साल पुरानी सत्ता का अंत
बृहन्मुंबई मुनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC), जिसे दुनार का सबसे अमीर नगर निकाय माना जाता है, में 227 वार्ड्स के लिए चुनाव हुआ था। यहां महायुति ने बहुमत के आंकड़े को पार करते हुए 118 वार्ड्स पर बढ़त बनाई। भाजपी 42 से 118 सीटों पर आगे रही, जबकि शिंदे शिवसेना ने 17 से 100 के पार वार्ड्स पर कब्जा जमाया।
दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे समर्थित यूबीटी, मनसे और एनसीपी (एसपी) गठबंधन 83 सीटों पर सिमट गया। इसमें यूबीटी को 36-58, मनसे को 2-9, कांग्रेस को 10-12 और एसपी को 3 सीटें मिलीं।
मुख्य:
- विजेता: भाजपी के दीपक तावड़े, दक्षता श्रीकांत कवठंकर, तेजस्वी घोसलकर और प्रकाश दारेकर जैसे चेहरों ने जीत दर्ज की।
- हार: उद्धव और राज ठाकरे का ‘मराठी मानुष’ का नारा वोटरों के बीच काम नहीं आया। 30 साल के इतिहास में पहली बार है कि ठाकरे परिवार की पकड़ BMC पर कमजोर हुई है और यहां भाजपा-शिंदे गुट का मेयर बनना तय हो गया है।
- एग्जिट पोल सही: एक्सिस माई इंडिया जैसे एग्जिट पोल सही साबित हुए, जिन्होंने महायुति की बड़ी जीत का अनुमान लगाया था।
मनसे का सूपड़ा साफ: 22 शहरों में हार
राज ठाकरे की मनसे ने 29 में से सभी नगर निगमों में पूरी ताकत से चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन जहां भी उसने उम्मीदवार उतारे, वहां नतीजे निराशाजनक रहे। मुंबई (20-30 वार्ड्स), पुणे, नासिक और ठाणे पर फोकस करने के बावजूद पार्टी महज 2-9 वार्ड्स तक सीमित रह गई। मनसे की सबसे बड़ी हार 22 शहरों में हुई, जिसमें पुणे नगर महापालिका, मीरा-भायंदर, वसई-विरार, भिवंडी, पनवेल, नागपुर, पिंपरी-चिंचवड़, संभाजीनगर, कोल्हापुर, सांगली-मिरज, सोलापुर, मालेगांव, जलगांव, धुले, इचलकरंजी, नांदेड़, परभणी, जलाना, लातूर, अमरावती, अकोला और चंद्रपुर शामिल हैं।
मनसे की हार के मुख्य कारण:
- पुराना नारा: ‘मराठी अस्मिता’ का कार्ड अब दम तोड़ता दिख रहा है। युवा और बेरोजगार मतदाताओं ने भाजपी (28% वोट शेयर) को विकास के मुद्दे पर चुना।
- गठबंधन धराशायी: ठाकरे बंधुओं का गठबंधन काम नहीं आया। मनसे को यूबीटी के साथ तालमेल में सिर्फ 5-9 सीटें मिलीं।
- भीड़ और वोट में फर्क: राज ठाकरे की सभाओं में भीड़ जुटी, लेकिन उसका वोट में तब्दील नहीं हुआ। ठाणे में क्लोज फाइट के बावजूद पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा।
- सोशल मीडिया ट्रोलिंग: राज ठाकरे के ‘रसमलाई’ वाले बयान पर भी जनता ने तंज कसा और पार्टी को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया गया।
पार्टी-वाइज परिणाम: महाराष्ट्र की सियासी तस्वीर
यहां 29 नगर निगमों के कुल वार्ड्स में लीड/जीत का विवरण दिया गया है (दोपहर 3 बजे तक के ट्रेंड्स के अनुसार):
| पार्टी/गठबंधन | कुल लीड/जीत (वार्ड्स) | बीएमसी में लीड | मुख्य शहरों में प्रदर्शन |
|---|---|---|---|
| भाजपी | 866 | 42-118 | मुंबई, पुणे (आगे), नागपुर (स्वीप) |
| शिंदे शिवसेना | 216 | 17-100+ | ठाणे (क्लोज फाइट), नासिक (आगे) |
| यूबीटी शिवसेना | 83-68 | 36-58 | मुंबई में हार, अन्य में कमजोर |
| मनसे | 9-2 | 2-9 | 22 शहरों में फेल, पुणे में शून्य |
| कांग्रेस | 171 | 10-12 | लातूर में आगे, मुंबई में फ्लॉप |
| अन्य (AIMIM, SP) | 50+ | 6-3 | मुस्लिम बहुल इलाकों में बढ़त |
इनसाइट:
महायुति की जीत विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और हिंदुत्व की राजनीति पर आधारित थी, जबकि एमवीए (यूबीटी + मनसे + कांग्रेस) फूट और पुराने नारों के कारण पिछड़ गया। 22 शहरों में मनसे की हार ने राज ठाकरे की ‘मराठी प्राइड’ रणनीति को फ्लॉप साबित कर दिया है।
महाराष्ट्र सियासत के सबक और भविष्य
BMC 2026 के परिणाम ने साबित कर दिया है कि महाराष्ट्र में महायुति का दौर जारी है। ठाकरे ब्रदर्स की जोड़ी फेल हो गई है और मनसे 22 शहरों में अपनी ‘मन’ (इच्छा) खो चुकी है। यह हार लोकसभा-राज्यसभा की हार का एक्सटेंशन है, जो विपक्ष की कमजोरी को उजागर करती है।
आने वाले समय में BMC में भाजपी का पहला मेयर बनना तय है, जो मुंबई के विकास को एक नई दिशा दे सकता है। हालांकि, लातूर में कांग्रेस की पकड़ और कुछ शहरों में एमवीए की जमीन बचाने से भविष्य की राजनीति में कुछ समीकरण बन सकते हैं, लेकिन फिलहाल महाराष्ट्र में महायुति का राज चलेगा।
महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026: अन्य प्रमुख बिंदु
- Arun Gawli Daughters: डॉन ‘डैडी’ अरुण गवली की बेटियां BMC चुनाव 2026 में उतरीं, किससे हुई टक्कर?
- मुस्लिम गंगा स्नान: BJP अध्यक्ष ने हरिद्वार में गैर हिंदुओं की नो एंट्री पर दिया बड़ा बयान।
- Maharashtra Civic Polls Voting: महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के लिए मतदान खत्म, नतीजों का इंतजार शुरू।
- Uddhav Thackeray का हमला: चुनाव के बीच उद्धव ठाकरे का बड़ा हमला, बोले- बेशर्म सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है।
- Nagpur Nikay Chunav: नागपुर में BJP उम्मीदवार भुषण शिंगणे पर हमला, चुनावी माहौल में तनाव बढ़ा।
- BMC Election 2026: मुंबई की सत्ता पर महासंग्राम, क्यों देश की सबसे अमीर नगर पालिका बनी सियासी जंग का केंद्र?
- BMC Voting Controversy: स्याही मिटाने के आरोप पर राज ठाकरे का हमला, फडणवीस बोले- ‘हर बात पर बवाल गलत’।
- Uttarakhand निर्यात: छोटे राज्यों की श्रेणी में अव्वल, BJP प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कही ये बात।
- महाराष्ट्र में मतदान से पहले: राज ठाकरे की MNS को लगा तगड़ा झटका, अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला।
- Nitin Nabin BJP President: इस तारीख को नितिन नबीन बनेंगे अध्यक्ष, PM Modi होंगे प्रस्तावक।
- उत्तर भारत में महिलाएं: ‘उत्तर भारत में महिलाएं सिर्फ किचन में काम और बच्चे पैदा करने में’, दो बच्चों के पिता DMK MP दयानिधि मारन का अजीब बयान।
- युवाओं को नौकरी: 27 हजार से अधिक युवाओं को मिली नौकरी, जल्द ही 2 हजार युवाओं को मिलेगी नियुक्ति, CM धामी ने कही ये बातें।
English Summary: BMC Chunav Result 2026 Raj Thackeray MNS Biggest Setback Lost 22 Municipal Corporation List Analysis News Hindi
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