मैथिली ठाकुर की राजनीतिक आहट: क्या दरभंगा से भरेंगी हुंकार?
देश की जानी-मानी लोक गायिका मैथिली ठाकुर की भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय के साथ हुई मुलाकात ने बिहार की राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है। इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, और इसी के साथ यह अटकलें भी जोर पकड़ रही हैं कि क्या मैथिली ठाकुर आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में दरभंगा की किसी सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं।
रविवार को विनोद तावड़े ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इन तस्वीरों को साझा करते हुए एक अहम खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 1995 में लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में बिहार छोड़कर चले गए एक परिवार की सदस्य, जो अब राज्य की प्रगति देखकर वापस लौटना चाहती हैं, वह और कोई नहीं बल्कि सुप्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर हैं। तावड़े के अनुसार, उन्होंने और नित्यानंद राय ने मैथिली ठाकुर को बिहार के विकास में सक्रिय योगदान देने और प्रदेशवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने मैथिली ठाकुर को शुभकामनाएं भी दीं।
विनोद तावड़े ने एक्स पर लिखा, "वर्ष 1995 में जब बिहार में लालू राज आया तो जिस परिवार ने बिहार छोड़ा था, उस परिवार की बेटी, सुप्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर जी, बदलते बिहार को देखकर, बिहार लौटना चाहती हैं। आज केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यराज राय जी और मैंने उनसे आग्रह किया कि बिहार की जनता के लिए, बिहार के विकास के लिए, बिहार के आम आदमी को उनसे योगदान की अपेक्षा है और वे उनकी अपेक्षाओं पर खरी उतरें। बिहार की बेटी मैथिली ठाकुर जी को हार्दिक शुभकामनाएं!"
इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए, मैथिली ठाकुर ने अपने एक्स हैंडल पर इस पोस्ट को रीशेयर करते हुए लिखा, "जो लोग बिहार के लिए बड़े सपने देखते हैं, उनसे हर बातचीत मुझे दूरदर्शिता और सेवा की शक्ति की याद दिलाती है। हृदय से सम्मानित और आभारी हूँ।"
मधुबनी के बेनीपट्टी की रहने वाली मैथिली ठाकुर का बिहार की कला और संस्कृति से गहरा नाता है। उन्हें चुनाव आयोग द्वारा बिहार का ‘स्टेट आइकन’ भी नियुक्त किया गया था। भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत में गहरी पैठ रखने वाली मैथिली को बिहार के लोक संगीत में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 2021 में उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। अपने दो भाइयों के साथ, उन्होंने अपने दादा और पिता से संगीत की शिक्षा ग्रहण की है, जिसमें लोक और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ हारमोनियम और तबला वादन भी शामिल है।
चुनाव आयोग द्वारा सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ, राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। 243 विधानसभा सीटों के लिए 6 नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को संपन्न होगी। 2015 के विधानसभा चुनावों के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजद ने 18.8% वोट शेयर के साथ 80 सीटें, कांग्रेस ने 6.8% वोट शेयर के साथ 27 सीटें, जदयू ने 17.3% वोट शेयर के साथ 71 सीटें, और भाजपा ने 25% वोट शेयर के साथ 53 सीटें जीती थीं। अन्य दलों ने 22.5% वोट शेयर के साथ 8 सीटें हासिल की थीं। ऐसे में, मैथिली ठाकुर जैसे प्रतिष्ठित चेहरे का राजनीति में पदार्पण, खासकर भाजपा के साथ, आगामी चुनावों में समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
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