दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए प्रदर्शन से जुड़ा मामला अब और गंभीर कानूनी मोड़ ले चुका है। दिल्ली पुलिस ने इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज FIR में SC/ST एक्ट और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं जोड़ी हैं। वहीं, एक नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत पर POCSO कानून के तहत अलग FIR दर्ज होने की भी पुष्टि हुई है।
बुलंदशहर से हिरासत में लिए गए भारद्वाज
स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के कार्यकर्ता कथित हमले को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। पुलिस अब मामले से जुड़े आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
FIR में जोड़ी गईं नई धाराएं
CJP के सह-संयोजक सौरव दास के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3), जो मौत की धमकी से संबंधित है, और SC/ST Act की धाराएं मौजूदा FIR में जोड़ी गई हैं। उनका दावा है कि गंभीर चोट से जुड़ी धाराएं और हत्या के प्रयास से संबंधित प्रावधान भी जोड़ने की मांग की जा रही है।
वायरल वीडियो ने बढ़ाया विवाद
मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के एक इंटरव्यू का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। CJP का आरोप है कि इसमें भारद्वाज 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार की खोपड़ी फोड़ने का दावा करते सुनाई देते हैं। पुलिस जांच में इस वीडियो की प्रासंगिकता और उसकी सामग्री महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकती है।
नाबालिग की शिकायत पर POCSO केस
इस मामले से अलग एक नाबालिग कार्यकर्ता की शिकायत पर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ POCSO Act के तहत नई FIR दर्ज की गई है। शिकायत में ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। इसमें BNS की धारा 351(3), 78 और 79 के साथ IT Act की धारा 67 भी लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
चिराग पासवान के नाम के इस्तेमाल पर शिकायत
इस बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी भारद्वाज के खिलाफ संसद मार्ग थाने में शिकायत दी है। पार्टी का आरोप है कि जुलाई के प्रदर्शन से जुड़े मामले में भारद्वाज ने पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान का नाम झूठे और सार्वजनिक तरीके से इस्तेमाल किया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसका भारद्वाज से कोई संबंध नहीं है और वह पीड़ित कार्यकर्ता तथा उसके घायल पिता के साथ खड़ी है।
अब जांच तय करेगी आगे की दिशा
दिल्ली पुलिस के अनुसार LJP (रामविलास) की शिकायत की जांच की जा रही है और उस पर अभी कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। दूसरी ओर, SC/ST और धमकी से जुड़ी धाराओं के साथ POCSO मामले ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। अब जांच एजेंसियों के सामने आरोपों, वायरल वीडियो और शिकायतों की कड़ियों को तथ्यों के आधार पर परखने की चुनौती है।
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