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त्रिपुरा के विकास में नया अध्याय: केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने ₹365 करोड़ की 8 विकास परियोजनाओं का किया शुभारंभ
अगरतला/गुवाहाटी/दिल्ली। त्रिपुरा के विकास पथ को गति देते हुए, केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री एवं संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज शुक्रवार को राज्य में ₹365 करोड़ की लागत वाली 8 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं राज्य में सड़क कनेक्टिविटी, पर्यटन, ऊर्जा और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास को एक नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेंगी।
सिंधिया ने इस अवसर पर जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘अष्टलक्ष्मी’ विज़न के तहत पूर्वोत्तर भारत अब केवल एक भौगोलिक सीमांत नहीं, बल्कि भारत के विकास इंजन की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
कनेक्टिविटी और पर्यटन को मिला नया पंख
केंद्रीय मंत्री ने ₹270 करोड़ की लागत से पूर्ण हुई 5 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें जतनबाड़ी–मंदिरघाट वाया तीर्थमुख मार्ग (13.775 किमी) और एरारपार से अंबासा तक केए रोड का उन्नयन (28.90 किमी) प्रमुख हैं। इन सड़कों के बनने से गाँवों, बाजारों, स्कूलों और अस्पतालों के बीच आवागमन सरल होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
इसके अलावा, गंडाचेरा–रैश्याबाड़ी–नारिकेल कुंजा मार्ग (8.00 किमी) के माध्यम से जनजातीय बस्तियों को जिला मुख्यालयों और आवश्यक सेवाओं से जोड़ा गया है, जिससे सामाजिक समावेशन और सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा।
पर्यटन, संस्कृति और स्वच्छ ऊर्जा को बल
सिंधिया ने बताया कि अमरपुर (फातिकसागर) से छबीमुरा तक बेहतर कनेक्टिविटी से त्रिपुरा की विरासत और पर्यटन क्षमता को नया आयाम मिलेगा। इससे पर्यटकों को प्राचीन शिल्पकला और प्राकृतिक धरोहर देखने का अवसर मिलेगा, जिससे स्थानीय गाइडों, कारीगरों व परिवारों की आय में वृद्धि होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि पीएम-डेवाइन योजना के तहत सोलर माइक्रो ग्रिड परियोजना दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वच्छ एवं भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराएगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आजीविका के अवसर सुदृढ़ होंगे।
पहाड़ी और आंतरिक क्षेत्रों का समग्र विकास
इसी कड़ी में, केंद्रीय मंत्री ने ₹95 करोड़ की लागत से बनने वाली 3 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। इनमें कोवाईफुंग (पंजीराई) से कारबुक मार्ग (9.10 किमी), जाम्पुई (PMGSY पॉइंट) से कांग्राई मार्ग और बुरीघाट से सेरमुन-II मार्ग शामिल हैं। इन परियोजनाओं से पहाड़ी एवं आंतरिक क्षेत्रों की निरंतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी, जिससे दूरस्थ अंचल विकास की मुख्यधारा से जुड़े रहेंगे।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बदलती पूर्वोत्तर की तस्वीर
श्री सिंधिया ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा पूर्वोत्तर क्षेत्र में ₹6.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है। प्रत्येक केंद्रीय मंत्रालय अपने बजट का 10% पूर्वोत्तर राज्यों में व्यय कर रहा है, जिससे यह क्षेत्र अभूतपूर्व विकास के पथ पर अग्रसर है।
उन्होंने मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र-राज्य समन्वय के कारण त्रिपुरा सामाजिक, आर्थिक और अधोसंरचनात्मक विकास में नए मानदंड स्थापित कर रहा है।
दौरे और भ्रमण कार्यक्रम
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री आज त्रिपुरा में विभिन्न विकास स्थलों का दौरा करेंगे। वह देश की प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर (माताबाड़ी) में दर्शन-पूजन कर राज्य और देश की समृद्धि की कामना करेंगे। इसके अलावा, वे उनाकोटी, डम्बूर सहित अन्य क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की जमीनी समीक्षा भी करेंगे।
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