क्या आप भी ‘हेल्दी’ समझकर खा रहे हैं ये बीज? संभल जाइए, आपकी किडनी पर पड़ सकता है भारी!
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते खान-पान की वजह से किडनी की बीमारियां किसी साइलेंट किलर की तरह बढ़ रही हैं। अक्सर हम जिन्हें ‘सुपरफूड’ समझकर अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं, वही चीजें कभी-कभी हमारी किडनी के लिए दुश्मन साबित हो सकती हैं। अपनी सेहत को सुरक्षित रखने के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी थाली में मौजूद कौन सी चीज किडनी को फायदा पहुंचा रही है और कौन सी नुकसान।
विशेषज्ञ की राय: क्या कहते हैं यूरोलॉजिस्ट?
मशहूर यूरोलॉजिस्ट डॉ. विस्वास ने इस गंभीर विषय पर रोशनी डालते हुए बताया है कि हर प्राकृतिक चीज किडनी के लिए सुरक्षित नहीं होती। उन्होंने बीजों के सेवन को लेकर एक खास रेटिंग साझा की है, जिससे यह समझना आसान हो जाता है कि कौन से बीज आपकी किडनी के लिए ‘फ्रेंडली’ हैं और किनसे दूरी बनाना ही समझदारी है।
भ्रम न पालें: हर ‘सुपरफूड’ किडनी के लिए सही नहीं
आमतौर पर माना जाता है कि बीज खाना हमेशा सेहत के लिए वरदान है, लेकिन हकीकत इससे अलग हो सकती है। कुछ बीज पोषक तत्वों से भरपूर तो होते हैं, लेकिन उनमें मौजूद कुछ तत्व किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। इसलिए, यह जानना अनिवार्य है कि किस बीज की कितनी मात्रा आपके शरीर के लिए सही है।
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किडनी के ‘सच्चे दोस्त’: ये बीज हैं फायदेमंद
डॉ. विस्वास के मुताबिक, कद्दू के बीज किडनी के लिए बेहतरीन हैं। ये न केवल पोषण देते हैं बल्कि यूरिन में स्टोन बनने की प्रक्रिया को रोकने में भी मददगार साबित होते हैं।
अलसी के बीज (Flax Seeds) भी एक सुरक्षित विकल्प हैं। इनमें ऑक्सालेट की मात्रा बहुत कम होती है, जो इन्हें किडनी के मरीजों के लिए भी मुफीद बनाती है।
तरबूज के बीज शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करते हैं और किडनी के कामकाज को सुचारू बनाते हैं, जिससे किडनी पर बेवजह का बोझ नहीं पड़ता।
सावधानी जरूरी: इन्हें सीमित मात्रा में ही लें
सूरजमुखी के बीज वैसे तो सेहतमंद हैं, लेकिन इनमें मध्यम स्तर का ऑक्सालेट होता है, इसलिए इनका सेवन बहुत ज्यादा नहीं करना चाहिए।
आजकल के दौर में चिया सीड्स को काफी पसंद किया जा रहा है, पर डॉ. विस्वास चेतावनी देते हैं कि इनका अधिक सेवन किडनी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
सब्जा (तुलसी के बीज) के फायदों पर अभी पर्याप्त शोध की कमी है, इसलिए इन्हें भी संतुलित मात्रा में ही अपनी डाइट में शामिल करना बेहतर है।
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सावधान! ये बीज पहुंचा सकते हैं किडनी को नुकसान
तिल के बीज में ऑक्सालेट की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जो किडनी में पथरी (स्टोन) बनने के खतरे को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
खसखस (Poppy Seeds) भी हाई ऑक्सालेट की श्रेणी में आते हैं। कई बार ये पकवानों में छिपे होते हैं, जिससे शरीर में इनका स्तर अनजाने में बढ़ जाता है और किडनी को नुकसान पहुंचता है।
हलीम के बीज, जिन्हें कई लोग सेहत का खजाना मानते हैं, डॉ. विस्वास के अनुसार किडनी के स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी सही नहीं हैं। इन्हें अपनी डाइट से दूर रखना ही सुरक्षित है।
निष्कर्ष: संतुलन ही है सेहत की कुंजी
किडनी को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका है ‘संतुलित आहार’। किसी भी चीज की अति नुकसानदायक हो सकती है। यदि आप पहले से ही किडनी संबंधी किसी परेशानी से जूझ रहे हैं, तो कोई भी नया बीज अपनी डाइट में शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। इसे किसी पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के विकल्प के रूप में न लें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा योग्य डॉक्टर से संपर्क करें।
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