डेट के बाद सपनों की दुनिया में खोना? संभल जाइए, कहीं ये आदतें आपको ले न डूबें!
क्या पहली डेट के बाद ही आपके दिल में घंटियाँ बजने लगती हैं और दिमाग़ में ख़ूबसूरत ख़्वाबों का तांता लग जाता है? अगर हाँ, तो ज़रा ठहरिए! यह आदत आपको भावनात्मक रूप से भारी नुक़सान पहुँचा सकती है। आज के दौर में ‘पहली नज़र के प्यार’ को अक्सर एक ख़ूबसूरत मिथक माना जाता है।
इसलिए, अगर पहली ही मुलाक़ात के बाद आपकी दुनिया घूमने लगे या ख़यालों में आप कहीं और ही पहुँच जाएँ, तो यह कोई ख़तरनाक संकेत हो सकता है। आप अकेले नहीं हैं; कई लोग अनजाने में यह ग़लती करते हैं। वे सामने वाले को ख़ुश करने की भरसक कोशिश करते हैं, पर अंत में खुद ही चोट खा बैठते हैं। नतीजा? अक्सर बाथरूम के फ़र्श पर बैठकर आँसू बहाते हुए यह सोचना, ‘आख़िर मैंने ऐसा क्या ग़लत कर दिया?’
अगर आप भी इस दुविधा से जूझ रहे हैं और जानना चाहते हैं कि ग़लती कहाँ हो रही है, तो विशेषज्ञों की राय पर गौर फ़रमाइए।
डेटिंग कोच केल्सी वंडरलिन बताती हैं कि एक स्वस्थ और भावनात्मक रूप से परिपक्व साथी आपको समझने के लिए समय लेना चाहता है। अगर आप शुरुआत में ही अपनी सारी भावनाएं उंडेल देते हैं, तो कई बार वे आपसे दूरी बना सकते हैं। आपका प्यार करने का अंदाज़ बेशक ख़ूबसूरत है, लेकिन यही जल्दबाज़ी आपको डेटिंग की दुनिया में मुश्किलों में डाल सकती है।
ये 7 आदतें आपको भावनाओं के भंवर में फँसा सकती हैं:
- डेट पर पूरी रात बातें करना: शुरुआत में एक-दूसरे के साथ बहुत ज़्यादा समय बिताना आपको एक-दूसरे से जल्द जोड़ देता है। थोड़ी दूरी और समय देने से आप दोनों को एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने का मौक़ा मिलता है।
- बहुत जल्दी शारीरिक नज़दीकी बढ़ाना: शारीरिक संबंध जहाँ गहरा विश्वास और अपनेपन का एहसास दिलाते हैं, वहीं बहुत जल्दी ऐसा करना भावनाओं को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा सकता है और रिश्ते को असंतुलित कर सकता है।
- उससे मिलने के लिए अपना शेड्यूल बार-बार बदलना: अपने काम, दोस्तों या शौक़ को छोड़कर सिर्फ़ उसी के लिए समय निकालना आपको ज़रूरत से ज़्यादा उन पर निर्भर बना सकता है।
- पूरे दिन लगातार मैसेज करना: लगातार बातचीत न केवल आपको थका देती है, बल्कि दूसरे व्यक्ति को भी अपना निजी स्पेस नहीं दे पाती। किसी भी रिश्ते में थोड़ी जगह का होना बहुत ज़रूरी है।
- बुरा दिन होने पर सबसे पहले उसी के पास दौड़ना: हर समस्या का समाधान उससे ही ढूंढना आपको भावनात्मक रूप से उन पर निर्भर बना देता है, जबकि खुद को संभालना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
- दो हफ़्ते के भीतर ही प्यार भरे नामों से पुकारना और कपल जैसा व्यवहार करना: रिश्ते को कोई नाम देना और रोमांटिक टाइटल्स को जल्दी अपनाना आप दोनों पर अनावश्यक दबाव डाल सकता है।
- सिर्फ़ एक हफ़्ते में अपने माता-पिता से मिलवाना: परिवार से मिलाना एक बहुत बड़ा क़दम होता है। बहुत जल्दी यह क़दम उठाने से रिश्ता, उतनी गहराई न होने के बावजूद, गंभीर दिखने लगता है।
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