नवरात्रि का दिव्य आगमन: 9 दिन, 9 देवियां, 10 दिनों का महाउत्सव!
हिंदू धर्म में वर्ष भर में चार बार नवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है, जो चैत्र, आषाढ़, अश्विन (शरद) और माघ मास में आता है। जहाँ अश्विन और चैत्र माह की नवरात्रि देवी दुर्गा के भक्तों के लिए विशेष श्रद्धा और भक्ति का केंद्र हैं, वहीं माघ और आषाढ़ की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है और यह तांत्रिकों व अघोरियों के लिए विशेष महत्व रखती है। इन नौ दिनों में भक्त देवी दुर्गा की आराधना में लीन होकर उनकी कृपा प्राप्त करते हैं।
इस वर्ष, शरद नवरात्रि का शुभ आगमन 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक होगा, जो 10 दिनों तक चलेगा!
पंचांग के अनुसार, अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा 21 सितंबर की अर्धरात्रि 1:24 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की ब्रह्मवेला तक रहेगी, इसी के साथ शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा। ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार, इस बार तृतीया तिथि 24 और 25 सितंबर दो दिन होने के कारण नवरात्रि का पर्व 10 दिनों तक मनाया जाएगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
देवी का वाहन ‘घोड़ा’ – शक्ति का प्रतीक!
इस नवरात्रि माता दुर्गा भक्तों को दर्शन देने के लिए घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं, जो शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। यह नौ दिवसीय पर्व देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा को समर्पित है, जो भारत भर में भक्ति और उल्लास के वातावरण का संचार करता है।
जानिए, किस दिन करें किस देवी का पूजन और कौन सा रंग धारण करना होगा शुभ:
- 22 सितंबर (घटस्थापना): मां शैलपुत्री – नवरात्रि के प्रथम दिन, देवी दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। ये चंद्रमा का प्रतीक हैं और इनकी आराधना से सभी नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। इस दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ है।
- 23 सितंबर: मां ब्रह्मचारिणी – दूसरे दिन, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विधान है, जो मंगल ग्रह का प्रतिनिधित्व करती हैं। इनकी सच्ची भक्ति से सभी दुख-दर्द दूर होते हैं। इस दिन हरे रंग के वस्त्र पहनें।
- 24 – 25 सितंबर: मां चंद्रघंटा – तीसरे दिन, मां चंद्रघंटा की पूजा होती है, जो शुक्र ग्रह को नियंत्रित करती हैं। इनकी आराधना से शक्ति संचार होता है और भय का नाश होता है। इस दिन ग्रे रंग के वस्त्र धारण करें।
- 26 सितंबर: मां कुष्मांडा – चौथे दिन, मां कुष्मांडा की पूजा का विधान है, जो सूर्य देव का प्रतीक हैं। इनकी पूजा से भविष्य की विपत्तियां टल जाती हैं। इस दिन संतरी रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
- 27 सितंबर: मां स्कंदमाता – पांचवें दिन, बुध ग्रह को नियंत्रित करने वाली मां स्कंदमाता की पूजा होती है। इनकी कृपा से भक्त धन्य हो जाते हैं। इस दिन सफेद रंग के वस्त्र पहनना अनुकूल है।
- 28 सितंबर: मां कात्यायनी – छठवें दिन, मां कात्यायनी की पूजा करें, जो बृहस्पति ग्रह को नियंत्रित करती हैं। इनकी आराधना से साहस और शक्ति में वृद्धि होती है। इस दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
- 29 सितंबर: मां कालरात्रि – सातवें दिन, शनि ग्रह का प्रतीक मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। इनकी भक्ति से भक्तों में वीरता का संचार होता है। इस दिन रॉयल ब्लू रंग के वस्त्र पहनें।
- 30 सितंबर: मां महागौरी – अष्टमी तिथि पर, राहु ग्रह को नियंत्रित करने वाली मां महागौरी की पूजा होती है। इनकी आराधना से जीवन से नकारात्मकता दूर होती है। इस दिन गुलाबी रंग के वस्त्र पहनना मंगलकारी है।
- 1 अक्टूबर: मां सिद्धिदात्री – नवमी तिथि पर, मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो राहु ग्रह को प्रदर्शित करती हैं। इनकी कृपा से बुद्धि और ज्ञान का संचार होता है। इस दिन बैंगनी (पर्पल) रंग के वस्त्र पहनें।
यह नवरात्रि आपके लिए अत्यंत मंगलमय और फलदायी हो!
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