अक्टूबर: आस्था और उल्लास का माह, व्रत-त्योहारों की बहार
अक्टूबर का महीना भारतीय संस्कृति में अध्यात्म और उत्सव का संगम लेकर आता है। यह वो समय है जब वातावरण आस्था, उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर हो जाता है। पंचांग के अनुसार, इस माह में एक के बाद एक अनेक महत्वपूर्ण पर्व और व्रत आते हैं, जो न केवल धार्मिक अनुष्ठानों को जीवंत करते हैं, बल्कि परिवारों और समाज में खुशियों की लहर दौड़ाते हैं।
पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान, जयपुर जोधपुर के निदेशक, ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार, 1 अक्टूबर को महानवमी और 2 अक्टूबर को विजयदशमी के साथ ही माह का शुभारंभ होगा। इसके पश्चात, शरद पूर्णिमा, करवा चौथ, अहोई अष्टमी, धनतेरस, दीपावली और छठ पूजा जैसे अनेक प्रमुख त्योहार और व्रत मनाने जाएंगे। इन शुभ अवसरों पर किए जाने वाले व्रत, पूजा-पाठ और धार्मिक क्रियाएं व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ प्रदान करने के साथ-साथ मानसिक शांति और संतुलन भी देती हैं। इसी कारण, अक्टूबर का महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और हर घर में भक्ति और आनंद का संदेश लेकर आता है।
2025 का अक्टूबर: धार्मिक परम्पराओं का महाकुंभ
ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास बताते हैं कि वर्ष 2025 का अक्टूबर महीना धार्मिक परम्पराओं के दृष्टिकोण से विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस माह में दशहरा के उत्सव से लेकर दीपावली के दीपों तक, और करवा चौथ के व्रत से लेकर छठ महापर्व तक, कई बड़े त्योहार और व्रत पड़ेंगे।
अक्टूबर 2025: ग्रह गोचर का प्रभाव
- 02 अक्टूबर 2025: बुध का कन्या राशि में उदय
- 03 अक्टूबर 2025: बुध का तुला राशि में गोचर
- 09 अक्टूबर 2025: शुक्र का कन्या राशि में गोचर
- 17 अक्टूबर 2025: सूर्य का तुला राशि में गोचर
- 19 अक्टूबर 2025: बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर
- 24 अक्टूबर 2025: बुध का वृश्चिक राशि में गोचर
- 27 अक्टूबर 2025: मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर
प्रमुख पर्व और व्रत: एक झलक
- 02 अक्टूबर 2025 – दशहरा: आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला दशहरा, असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की स्थापना की थी। इस वर्ष यह पर्व गुरुवार, 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा, जिसमें शस्त्र पूजन और रावण दहन की परंपराएं निभाई जाएंगी।
- 06 अक्टूबर 2025 – शरद पूर्णिमा: आश्विन मास की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली शरद पूर्णिमा को चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होकर अमृत वर्षा करता है। इस रात चांदनी में रखी खीर का सेवन अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसे कोजागिरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।
- 10 अक्टूबर 2025 – करवा चौथ: आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत पूर्ण किया जाता है।
- 18 अक्टूबर 2025 – धनतेरस/यम दीपदान: दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव का पहला दिन, धन त्रयोदशी या धनतेरस, अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है। इस वर्ष यह पर्व शनिवार, 18 अक्टूबर को मनाया जाएगा, साथ ही यमराज के लिए दीपदान की परंपरा भी निभाई जाएगी।
- 19 अक्टूबर 2025 – हनुमान जयंती: कार्तिक मास की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली हनुमान जयंती पर व्रत और पूजा-अर्चना से जीवन के भय और संकट दूर होते हैं।
- 19 अक्टूबर 2025 – नरक चतुर्दशी: ‘छोटी दिवाली’ के नाम से भी जाना जाने वाला यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था।
- 20 अक्टूबर 2025 – दीपावली: कार्तिक मास की अमावस्या को अंधकार पर प्रकाश की विजय का यह महा-उत्सव मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
- 21 अक्टूबर 2025 – कार्तिक अमावस्या: दीपावली के साथ ही आने वाली कार्तिक अमावस्या पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध और दीपदान के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है।
- 22 अक्टूबर 2025 – अन्नकूट व गोवर्धन पूजा: कार्तिक माह की प्रतिपदा तिथि को भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित गोवर्धन पूजा की जाती है। इस दिन विभिन्न प्रकार के पकवान बनाकर भगवान को भोग लगाया जाता है।
- 23 अक्टूबर 2025 – भाई दूज (यम द्वितीया): दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव का समापन भाई दूज के साथ होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
अक्टूबर 2025: व्रत-त्योहारों की पूरी सूची
- 01 अक्टूबर 2025 – महानवमी
- 02 अक्टूबर 2025 – दशहरा, विजयादशमी
- 03 अक्टूबर 2025 – पापांकुशा एकादशी
- 04 अक्टूबर 2025 – शनि प्रदोष व्रत
- 06 अक्टूबर 2025 – कोजागर पूजा, शरद पूर्णिमा
- 07 अक्टूबर 2025 – वाल्मीकि जयंती, मीराबाई जयंती
- 08 अक्टूबर 2025 – कार्तिक माह शुरू
- 10 अक्टूबर 2025 – करवा चौथ, संकष्टी चतुर्थी
- 13 अक्टूबर 2025 – अहोई अष्टमी
- 17 अक्टूबर 2025 – रमा एकादशी, तुला संक्रांति
- 18 अक्टूबर 2025 – शनि प्रदोष व्रत, धनतेरस, यम दीपम
- 19 अक्टूबर 2025 – नरक चतुर्दशी
- 20 अक्टूबर 2025 – लक्ष्मी पूजा, दीपावली
- 21 अक्टूबर 2025 – कार्तिक अमावस्या
- 22 अक्टूबर 2025 – गोवर्धन पूजा
- 23 अक्टूबर 2025 – भाई दूज
- 25 अक्टूबर 2025 – विनायक चतुर्थी
- 27 अक्टूबर 2025 – छठ पूजा
- 31 अक्टूबर 2025 – अक्षय नवमी
यह अक्टूबर माह आस्था, परंपरा और उल्लास का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है, जो हर किसी के जीवन में खुशियां और सकारात्मकता लाए।
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