तमिलनाडु में करूर भगदड़: एनडीए नेताओं का दल करेगा जांच, सीएम स्टालिन ने जताई चिंता
तमिलनाडु के करूर में एक दुखद भगदड़ ने सबको झकझोर कर रख दिया है। टीवीके पार्टी की रैली के दौरान मची इस अफरातफरी में कई लोगों की जान चली गई। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, एनडीए के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज करूर का दौरा करेगा। इस दल का गठन भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया है।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल?
इस महत्वपूर्ण जांच दल में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर, तेजस्वी सूर्या और ब्रज लाल, अपराजिता सारंगी, रेखा शर्मा, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के पुट्टा महेश कुमार शामिल हैं। भाजपा सांसद हेमा मालिनी इस समिति की संयोजक होंगी।
क्या है घटना?
शनिवार को हुई इस भीषण भगदड़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है, जिनमें 18 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल हैं। यह घटना निश्चित रूप से एक बड़ा झटका है।
एनडीए का कदम
एनडीए नेताओं का यह प्रतिनिधिमंडल प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेगा और जमीनी हकीकत का जायजा लेगा। इसके बाद, वे एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
सरकारी सहायता
इससे पहले, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन और तमिलनाडु भाजपा प्रमुख नैनार नागेंथ्रन के साथ करूर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने करूर के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का भी दौरा किया।
सीएम स्टालिन की अपील
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि करूर भगदड़ के मद्देनजर, राजनीतिक दलों और सार्वजनिक संगठनों को भविष्य में सार्वजनिक कार्यक्रमों को जिम्मेदारी से आयोजित करने के नियम बनाने चाहिए। उन्होंने करूर भगदड़ को “एक ऐसी त्रासदी जो फिर कभी नहीं होनी चाहिए” बताया।
अपने एक वीडियो संदेश में, सीएम स्टालिन ने कहा, “करूर में जो हुआ वह एक बड़ी त्रासदी है; एक क्रूर त्रासदी! एक ऐसी त्रासदी जो पहले कभी नहीं हुई; एक ऐसी त्रासदी जो फिर कभी नहीं होनी चाहिए। जब मैं खुद अस्पताल गया था, तब जो दृश्य मैंने देखे थे, वे आज भी मेरी आँखों के सामने ताज़ा हैं। मैं अभी भी गहरे शोक और दुःख में हूँ।” उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें यह खबर मिली, उन्होंने ज़िला प्रशासन को तुरंत कार्रवाई के लिए भेजा और सभी आवश्यक आदेश जारी किए।
यह घटना भविष्य में सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, और उम्मीद है कि एनडीए के प्रतिनिधिमंडल की जांच और सीएम स्टालिन की अपील से ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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