मैदान पर बयानबाजी और इशारों का हर्जाना: सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर ICC का शिकंजा
नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हालिया क्रिकेट मुकाबले खेल भावना के साथ-साथ कुछ ऐसे क्षणों के गवाह बने, जिन पर अब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने कार्रवाई की है। इस कड़ी में, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव को एक बयान के लिए, जबकि पाकिस्तानी तेज गेंदबाज हारिस रऊफ और बल्लेबाज साहिबजादा फरहान को आपत्तिजनक इशारों के लिए ICC ने सजा सुनाई है।
सूर्यकुमार यादव पर मैच फीस का 30% जुर्माना:
पाकिस्तान के खिलाफ 14 सितंबर को मिली जीत के बाद पुरस्कार समारोह के दौरान, सूर्यकुमार यादव ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा था, "ये सही मौका है, हम पहलगाम हमले के पीड़ितों के साथ खड़े हैं। हम इस जीत को अपने सशस्त्र बलों को समर्पित करना चाहते हैं, जिन्होंने बहादुरी दिखाई। हम उन्हें फील्ड पर मुस्काने का मौका देते रहेंगे।" ICC ने इस बयान को खेल के नियमों के तहत गलत मानते हुए, भारतीय कप्तान पर मैच फीस का 30% जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही, उन्हें भविष्य में इस तरह के राजनीतिक बयान न देने का निर्देश भी दिया गया है।
पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर भी गिरी गाज:
वहीं, इसी मैच में आपत्तिजनक इशारों के लिए पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ पर भी मैच फीस का 30% जुर्माना लगाया गया है। बल्लेबाज साहिबजादा फरहान को जहां फटकार लगाई गई है, वहीं उन पर कोई आर्थिक जुर्माना नहीं लगाया गया। ICC ने इन दोनों खिलाड़ियों को भारत के खिलाफ 21 सितंबर को हुए मैच के दौरान उनके हाव-भाव की वजह से यह सजा सुनाई है। हारिस रऊफ ने विवादास्पद राजनीतिक इशारे किए थे, जबकि फरहान ने अर्धशतक का जश्न बल्ले से गोली चलाने के अंदाज में मनाया था।
आचार संहिता का उल्लंघन और कार्रवाई:
ICC ने दोनों पाकिस्तानी खिलाड़ियों की गतिविधि को आचार संहिता के तहत लेवल 1 के अपराध का दोषी माना। हारिस रऊफ पर मैच फीस का 30% जुर्माना लगाया गया, जबकि साहिबजादा फरहान को केवल फटकार और भविष्य में ऐसा न करने का निर्देश दिया गया। लेवल 1 के उल्लंघन पर आमतौर पर मैच फीस का 50% तक जुर्माना और डिमेरिट अंक मिलते हैं, लेकिन इस बार खिलाड़ियों को आर्थिक दंड और चेतावनी के साथ-साथ ऐसे उल्लंघन दोबारा न करने की स्पष्ट चेतावनी दी गई।
नो-हैंडशेक विवाद और अपील:
पाकिस्तान के खिलाफ 14 सितंबर को खेले गए मैच से पहले टॉस के समय भी सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिलाया था, और मैच के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने भी ऐसा ही किया था। इस मुद्दे पर पूछे जाने पर सूर्यकुमार यादव ने कहा था, "खेल भावना से बढ़कर भी बहुत कुछ होता है।" उन्होंने फिर से पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और ऑपरेशन सिंदूर में हिस्सा लेने वाले सशस्त्र बलों के प्रति अपना समर्थन दोहराया था। PCB द्वारा शिकायत के बाद, ICC ने जांच में भारतीय कप्तान को दोषी पाते हुए उन पर भी मैच फीस का 30% जुर्माना लगाया और राजनीतिक बयान न देने का निर्देश दिया।
आगे क्या?
ICC मैच रेफरी रिची रिचर्डसन ने इस मामले की सुनवाई की। प्राप्त खबरों के अनुसार, सूर्यकुमार यादव ने ICC के इस फैसले के खिलाफ अपील की है, और संभावना है कि ICC मामले की फिर से सुनवाई कर सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह मामला आगे कैसे बढ़ता है और ICC का अंतिम निर्णय क्या होता है।
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