क्लब बनाम राष्ट्र: फुटबॉल के मैदान पर ‘रिलीज’ का मुद्दा गरमाया, कोच जमील ने सर्वसम्मति का किया आह्वान
भारतीय पुरुष राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के मुख्य कोच खालिद जमील ने फुटबॉल की दुनिया में एक संवेदनशील मुद्दे पर उंगली उठाई है। क्लबों और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) से खिलाड़ियों के ‘रिलीज’ को लेकर चल रहे गतिरोध पर उन्होंने बातचीत से हल निकालने की पुरजोर वकालत की है। यह दरार तब और गहरी हो गई जब इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की तीन टीमों के 14 खिलाड़ी, जिनमें राष्ट्रीय टीम के कप्तान सुनील छेत्री भी शामिल हैं, अभी तक राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा नहीं बन पाए हैं।
यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर दरअसल एएफसी एशियाई कप क्वालीफाइंग मैचों की तैयारी का अहम पड़ाव है। जमील ने इस मामले को सुलझाने के लिए ‘क्लब और राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन’ बनाए रखने पर जोर दिया है। कोच ने नौ अक्टूबर को सिंगापुर के खिलाफ उनके घर में और 14 अक्टूबर को अपने मैदान पर होने वाले दो अहम एशियाई कप क्वालीफाइंग मुकाबलों से ठीक पहले 30 संभावित खिलाड़ियों की सूची जारी की थी।
इन 30 में से 14 खिलाड़ी अभी भी अपने क्लबों के पास ही हैं। एक खिलाड़ी अस्वस्थ होने के कारण पहले से ही अनुपलब्ध है। वहीं, बेंगलुरु में 20 सितंबर से अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों में ब्रैंडन फर्नांडिस, अशीर अख्तर और फारुख चौधरी जैसे नाम शामिल हैं।
खिलाड़ियों की अनुपस्थिति के कारण टीम के अभ्यास पर पड़ रहे प्रभाव को जमील ने स्वीकार किया है, खासकर रक्षापंक्ति पर इसका असर सबसे ज्यादा दिख रहा है। रक्षापंक्ति से केवल हमिंगथनमाविया राल्टे और अशीर अख्तर ही शिविर में पहुंच पाए हैं। पिछले महीने मुख्य कोच का पद संभालने वाले जमील ने ‘पीटीआई’ से कहा, "हमारी तैयारी खिलाड़ी विशेष पर आधारित होने की बजाय हमेशा टीम-केंद्रित होती है। कुछ स्थान के खिलाड़ियों की अनुपस्थिति ने स्वाभाविक रूप से अभ्यास को प्रभावित किया है।"
भारतीय कोच ने आगे कहा, "कुछ खिलाड़ी अलग-अलग चरणों में शामिल होंगे और हम उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए काम कर रहे हैं। मेरा मानना है कि लंबी अवधि में क्लब और राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को संतुलित करने वाले समाधान को खोजने के लिए मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है।"
बेंगलुरु एफसी के अलावा, ईस्ट बंगाल और पंजाब एफसी ने भी अपने खिलाड़ियों को रिलीज करने में देरी की है। 48 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी ने जानबूझकर मोहन बागान एसजी और एफसी गोवा के खिलाड़ियों को शिविर के लिए चुने गए 30 संभावितों में शामिल नहीं किया था, क्योंकि वे एएफसी चैंपियंस लीग टू में खेल रहे थे। मोहन बागान की टीम 30 सितंबर को ईरान के सेपहान एससी से भिड़ेगी, जबकि एफसी गोवा एक अक्टूबर को ताजिकिस्तान के एफसी इस्तिकलोल का सामना करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया, "मोहन बागान और एफसी गोवा के साथ स्थिति शुरुआत से ही स्पष्ट थी क्योंकि उनके महत्वपूर्ण महाद्वीपीय मैच थे। हम उसका पूरी तरह से सम्मान करते हैं और हमने उसी के अनुसार योजना बनाई है।" भारत, वर्तमान में दो मैचों में सिर्फ एक अंक के साथ (बांग्लादेश के खिलाफ 0-0 और हांगकांग के खिलाफ 0-1) ग्रुप सी में अपनी स्थिति सुधारने के लिए दृढ़ संकल्पित है। ग्रुप से केवल शीर्ष टीम 2027 एएफसी एशियाई कप के लिए सीधे क्वालीफाई करेगी। सिंगापुर दो मैचों में चार अंकों के साथ ग्रुप तालिका में शीर्ष पर काबिज है।
राष्ट्रीय शिविर में शामिल खिलाड़ी (18):
- गोलकीपर: अमरिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, गुरप्रीत सिंह संधू।
- रक्षापंक्ति: हमिंगथनमाविया राल्टे, अशीर अख्तर।
- मिडफील्डर: ब्रैंडन फर्नांडिस, दानिश फारूक भट, जिथिन एमएस, मैकार्टन लुइस निक्सन, मोहम्मद ऐमन, विबिन मोहनन।
- फॉरवर्ड: फारुख चौधरी, इरफान यादवाड, लालियानज़ुआला चांग्ते, मनवीर सिंह (जूनियर), मोहम्मद सनन के, पार्थिब गोगोई, विक्रम प्रताप सिंह।
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