एक IPS अधिकारी की आत्महत्या: जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों से दहला पुलिस महकमा
चंडीगढ़ में 7 अक्टूबर को एक चौंकाने वाली घटना ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के गलियारों में हड़कंप मचा दिया। 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी, कुमार, ने सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर अपनी जान ले ली। यह घटना तब और गंभीर हो गई जब उनके आवास से आठ पन्नों का एक ‘अंतिम नोट’ बरामद हुआ।
इस मार्मिक पत्र में, कुमार ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें से कुछ बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर और रोहतक के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) नरेंद्र बिजारणिया सहित आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर ‘जातिगत भेदभाव, निशाना बनाकर मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान तथा अत्याचार’ का आरोप लगाया है।
यह घटना न केवल एक अधिकारी के दुखद अंत का प्रतीक है, बल्कि पुलिस महकमे के भीतर व्याप्त संभावित समस्याओं पर भी प्रकाश डालती है। जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप, यदि सत्य सिद्ध होते हैं, तो एक बड़े सुधार की आवश्यकता को उजागर करते हैं। पीटीआई के इनपुट के अनुसार, इस मामले की जांच आगे बढ़ रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


