शहर पर छाई प्रदूषण की चादर: कहां हैं हालात सबसे बदतर?
राजधानी के कई हिस्से आज एक गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं – बढ़ता प्रदूषण। शहर के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता औसत से काफी नीचे गिर गई है, जिसने आम जनजीवन को प्रभावित किया है।
शादीपुर सबसे प्रदूषित, सेहत पर गंभीर खतरा
सवेरे के समय, शादीपुर 336 के एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) के साथ प्रदूषण के मामले में सबसे आगे रहा। इसके ठीक पीछे आरके पुरम 308 के एक्यूआई के साथ रहा। ये दोनों ही इलाके ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आते हैं, जो यह दर्शाता है कि यहां हवा इतनी जहरीली है कि स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में दिक्कत महसूस हो सकती है।
अन्य ‘हॉटस्पॉट’ भी चिंताजनक
सिर्फ शादीपुर और आरके पुरम ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य जाने-माने इलाके भी प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। बुराड़ी (283), बवाना (295), सिरीफोर्ट (295), वजीरपुर (282), चांदनी चौक (281), आनंद विहार (281), नरेला (279), पंजाबी बाग (266) और जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम (269) जैसे प्रमुख स्थान भी ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किए गए हैं। यह स्थिति साफ तौर पर दर्शाती है कि पूरे राजधानी शहर में वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ा हुआ है।
कुछ इलाकों में थोड़ी राहत, पर चिंता बनी हुई
हालांकि, कुछ इलाके ऐसे भी हैं जहां की हवा थोड़ी बेहतर है। मंदिर मार्ग, 157 के एक्यूआई के साथ, ‘मॉडरेट’ श्रेणी में अकेला इलाका रहा, जो थोड़ी राहत की बात है। वहीं, आया नगर (225), इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (227), एनएसआईटी द्वारका (228), लोधी रोड (251), अलीपुर (247), नजफगढ़ (242) और नॉर्थ कैंपस (240) जैसे इलाके ‘खराब’ श्रेणी में ही रहे। इन इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक है, हालांकि यह सबसे बुरी स्थिति वाले इलाकों से थोड़ा कम है।
कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट दर्शाती है कि राजधानी की हवा में प्रदूषण का संकट गहरा रहा है, और इसके समाधान के लिए तत्काल और प्रभावी कदमों की आवश्यकता है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


