वाराणसी: किसानों के लिए खुशखबरी! रबी फसलों की तैयारी में जुटा प्रदेश, उर्वरकों की कोई कमी नहीं
रबी फसलों की बुवाई की तैयारी में जुटे प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आश्वस्त किया है कि प्रदेश के सभी जिलों में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं कि किसी भी क्षेत्र में किसानों को उर्वरक वितरण के संबंध में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
रविवार को वाराणसी सर्किट हाउस में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान, कृषि मंत्री ने उर्वरक वितरण और भंडारण की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि डीएपी, एनपीके और यूरिया जैसे आवश्यक उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और समय पर किसानों तक इनकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
इस बैठक में वाराणसी, आजमगढ़ और मिर्जापुर मंडलों के संयुक्त कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, सहकारिता विभाग के अधिकारी और प्रमुख उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक उपलब्ध कराए जाने चाहिए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभी मंडलों में पर्याप्त भंडारण, उर्वरक की कोई कमी नहीं
कृषि मंत्री ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि वर्तमान में पूरे प्रदेश में 9.41 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.88 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 4.69 लाख मीट्रिक टन एनपीके का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश के किसी भी जिले में उर्वरक की कमी नहीं है और सभी मंडलों में पर्याप्त मात्रा में भंडारण सुनिश्चित किया गया है।
विशेष रूप से, वाराणसी मंडल में 42,998 मीट्रिक टन यूरिया, 43,075 मीट्रिक टन डीएपी और 21,718 मीट्रिक टन एनपीके का भंडारण है। वहीं, मिर्जापुर मंडल में 11,975 मीट्रिक टन यूरिया और 7,303 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। आजमगढ़ मंडल में भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक का भंडारण सुनिश्चित किया गया है।
सहकारिता समितियों को प्राथमिकता, कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
मंत्री शाही ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि डीएपी और एनपीके जैसे फास्फेटिक उर्वरकों को समितियों पर प्राथमिकता के आधार पर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कंपनी प्रतिनिधियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी अनुदानित उर्वरक के साथ किसी गैर-अनुदानित उत्पाद की टैगिंग न की जाए। सभी उर्वरकों की आपूर्ति सीधे रैक पॉइंट से खुदरा विक्रेताओं तक सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो सके।
प्रमुख सचिव (कृषि) रविन्द्र ने खुदरा व्यापारियों को निर्देशित किया कि किसान जब पास मशीन में अंगूठा लगाएं, तभी खतौनी के आधार पर उर्वरक वितरित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से पारदर्शिता आएगी और अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी कंपनी ने अनुदानित उत्पादों के साथ गैर-अनुदानित वस्तुओं की टैगिंग की, तो उसका प्रदेश में व्यापार प्रतिबंधित कर दिया जाएगा और ऐसे मामलों में लाइसेंस रद्द करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बीज वितरण और योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा
कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बैठक में रबी सीजन के लिए बीज वितरण के लक्ष्य निर्धारण की जानकारी दी। उन्होंने सभी जिला कृषि अधिकारियों से समय पर बीज का उठाव सुनिश्चित करने का आग्रह किया ताकि किसान सुचारू रूप से बुवाई कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि जिन किसानों को मिनीकिट आवंटित किए गए हैं, उनका वितरण स्थानीय जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति में तुरंत कराया जाए, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता और किसानों का विश्वास बढ़ेगा।
मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पुनः आश्वस्त किया कि राज्य सरकार किसानों को हर संभव सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उर्वरक वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में किसानों को उर्वरक, बीज और तकनीकी सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उत्पादन और आमदनी दोनों में वृद्धि हो सके।
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