“हम अडानी के हैं कौन?” – कांग्रेस का सवाल, सेबी की चुप्पी, और दो साल की लंबी प्रतीक्षा!
कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर “हम अडानी के हैं कौन?” श्रृंखला के तहत कई तीखे सवाल उठाए हैं, जो अब तक अनुत्तरित हैं। पार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि उच्चतम न्यायालय ने 2 मार्च 2023 को सेबी को हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद दो महीने के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया था। लेकिन, बार-बार समय-सीमा बढ़ाने और विलंब के बाद, सेबी का पहला आदेश आने में पूरे दो साल और सात महीने का लंबा इंतजार करना पड़ा।
कांग्रेस नेता रमेश ने बताया कि अब वे सेबी की शेष 22 मामलों पर रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इन मामलों में अडानी समूह की कंपनियों में भेदिया कारोबार के गंभीर आरोप, और न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग से संबंधित नियमों के उल्लंघन के 13 “संदिग्ध लेन-देन” शामिल हैं। सेबी ने 25 अगस्त 2023 को सर्वोच्च न्यायालय को इन जांचों की प्रगति के बारे में सूचित किया था। इन संदिग्ध लेन-देनों में अडानी के करीबी माने जाने वाले नासिर अली शबान अहली और चांग चुंग-लिंग के विदेशी सौदों का भी उल्लेख है।
यह स्पष्ट है कि “मोदानी घोटाला” सेबी की जांच की सीमाओं से कहीं अधिक व्यापक है, और कांग्रेस इस मामले में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है।
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