तेजस्वी यादव ने राघोपुर से हैट्रिक का बिगुल फूंका: ‘सरकार नहीं, बिहार का नव-निर्माण करेंगे!’
हाजीपुर: बिहार की राजनीति में गहमागहमी के बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के युवा नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को राघोपुर विधानसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर एक नई राजनीतिक लकीर खींच दी है। इस सीट से लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ने वाले तेजस्वी का लक्ष्य न केवल जीत की हैट्रिक बनाना है, बल्कि बिहार को समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाना भी है। नामांकन के इस महत्वपूर्ण अवसर पर उनके पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव तथा माता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी मौजूद रहीं, जो उनके राजनीतिक सफर की मजबूत नींव का प्रतीक हैं।
तेजस्वी ने राघोपुर की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “राघोपुर की जनता ने मुझ पर दो बार विश्वास जताया है, और यह मेरा सौभाग्य है कि आज तीसरी बार इस पावन भूमि से मैं अपना नामांकन दाखिल कर रहा हूं।” उनका संकल्प स्पष्ट है: “हमारा लक्ष्य है कि बिहार के हर परिवार में एक सरकारी नौकरी हो, और हम बिहार से बेरोजगारी का नामोनिशान मिटा देंगे।”
कुछ अफवाहों पर विराम लगाते हुए, तेजस्वी ने दृढ़ता से कहा, “कुछ लोग यह दावा कर रहे थे कि मैं दो सीटों से चुनाव लडूंगा। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं राजद की ओर से सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ रहा हूं। मेरा रिश्ता राघोपुर से अटूट है, और मैं यहीं से चुनाव लड़ता रहूंगा।”
इस बीच, उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) की वर्तमान स्थिति पर भी सवाल उठाए। तेजस्वी का मानना है कि “अब जेडीयू को नीतीश कुमार नहीं, बल्कि ललन सिंह, संजय झा और विजय चौधरी चला रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता “भाजपा के हाथों बिक गए हैं और उन्होंने नीतीश कुमार को बर्बाद कर दिया है।”
वैशाली जिले के मुख्यालय हाजीपुर स्थित कलेक्ट्रेट में, 35 वर्षीय तेजस्वी यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद और माता राबड़ी देवी की उपस्थिति में नामांकन दाखिल किया। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी उनके कई करीबी सहयोगी और परिवारजन भी बने, जिनमें पाटलिपुत्र से सांसद बड़ी बहन मीसा भारती और राज्यसभा सदस्य संजय यादव प्रमुख थे।
लगभग 20 वर्षों बाद सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए राजद समर्थकों की भारी भीड़ ने पार्टी नेताओं का सड़क के दोनों ओर खड़े होकर स्वागत किया। पटना स्थित पार्टी सुप्रीमो के घर से हाजीपुर अनुमंडल कार्यालय तक की 40 किलोमीटर की यात्रा में घंटों लग गए, जो समर्थकों के उत्साह और समर्थन का प्रमाण था। नामांकन से पूर्व, तेजस्वी ने एक शानदार रोड शो भी किया, जिसमें उनके पिता, माता और बहनें एक फूलों से सजी कार में सवार थे, जिस पर समर्थक शुभकामनाओं की वर्षा कर रहे थे। यह दृश्य बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय के सूत्रपात का संकेत दे रहा था।
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