बिहार चुनाव परिणाम: राहुल गांधी ने बताई ‘संविधान और लोकतंत्र की रक्षा’ की लड़ाई, वाम दल भी बोले – नतीजे जमीनी हकीकत से परे
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने जहाँ एक ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को प्रचंड बहुमत से सत्ता की ओर अग्रसर किया है, वहीं विपक्षी महागठबंधन की हार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नतीजों को "चौंकाने वाला" करार देते हुए इसे "संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई" बताया है।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से बिहार के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने महागठबंधन पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा, "हम एक ऐसे चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सके, जो शुरू से ही निष्पक्ष नहीं था।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ इस परिणाम की गहराई से समीक्षा करेंगे और "लोकतंत्र को बचाने के अपने प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।"
वाम दलों की चिंता: ‘अप्रत्याशित’ नतीजे और ‘जमीनी हकीकत’ का अंतर
महागठबंधन की हार पर वामपंथी दलों ने भी चिंता जताई है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के महासचिव एम ए बेबी ने नतीजों को "काफी अप्रत्याशित" बताते हुए कहा कि विपक्षी गठबंधन को "और अधिक एकजुट प्रयासों की जरूरत है।" बेबी ने निर्वाचन आयोग के कथित ‘दुरुपयोग’, बिहार में बेरोजगारी और लोकतांत्रिक शासन के अभाव जैसे मुद्दों पर चलाए गए अभियान के बावजूद ऐसे नतीजों को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने एनडीए पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग, हेराफेरी और धनबल के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के महासचिव डी. राजा ने महागठबंधन के प्रचार अभियानों में उमड़ी भारी भीड़ का ज़िक्र करते हुए कहा कि गठबंधन को इस बात पर "गंभीरता से आत्मचिंतन" करना चाहिए कि आखिर ऐसा नतीजा क्यों आया। उन्होंने कहा कि प्रचार के दौरान "भारी जनसमर्थन" और "बिहार के युवाओं की बदलाव की चाहत" देखी गई थी, जो नतीजों से मेल नहीं खाती।
वहीं, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने नतीजों को "राज्य की ज़मीनी हकीकत से मेल नहीं खाते" और "बिल्कुल अस्वाभाविक" बताया। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि कैसे दो दशक से सत्ता में रही सरकार अपने 2010 के प्रदर्शन को दोहराने में कामयाब रही।
परिणामों का विश्लेषण:
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 243 में से लगभग 200 सीटों पर जीत हासिल कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है। भाजपा राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, जबकि जदयू 85 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। दूसरी ओर, महागठबंधन में राजद 25 सीटों पर सिमट गई, और कांग्रेस केवल 6 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई। यह परिणाम महागठबंधन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


