कार का माइलेज घट रहा है? कहीं ये छोटी-छोटी गलतियाँ तो नहीं हैं वजह!
अक्सर जब कार का माइलेज कम होता है, तो हमारे मन में सबसे पहले कोई बड़ी खराबी आने का ख्याल आता है। पर क्या सचमुच ऐसा है? अक्सर, हमारी कुछ छोटी-छोटी आदतें या कुछ सामान्य सी बातों की अनदेखी ही कार के एवरेज को कम कर देती हैं। इन बातों पर ध्यान देकर आप न सिर्फ अपनी कार को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि हर महीने हजारों रुपये की बचत भी कर सकते हैं।
1. आपकी ड्राइविंग स्टाइल, माइलेज का सीधा कनेक्शन
क्या आप अक्सर तेज़ रफ़्तार में गाड़ी चलाते हैं? या अचानक एक्सीलरेट और हार्ड ब्रेकिंग आपकी आदत है? अगर हाँ, तो जान लें कि ये आदतें सीधे तौर पर आपके इंजन पर दबाव डालती हैं और ईंधन की खपत बढ़ा देती हैं। इतना ही नहीं, ट्रैफिक में या लाल बत्ती पर इंजन को बेवजह चालू रखना भी ईंधन की बर्बादी है। तो, थोड़ा धीमा, सोच-समझकर ब्रेक लगाना और सिग्नल पर इंजन बंद करना ही आपकी कार के माइलेज को बेहतर बना सकता है।
2. टायर में हवा का सही दबाव, या माइलेज पर होगा वार!
टायरों में हवा का लेवल अगर सही न हो, तो कार का एवरेज बुरी तरह प्रभावित होता है। जब टायरों में हवा कम होती है, तो वे सड़क से ज्यादा संपर्क बनाते हैं, जिससे कार को आगे बढ़ाने के लिए इंजन को ज़्यादा ज़ोर लगाना पड़ता है। इसी को ‘रोलिंग रेजिस्टेंस’ कहते हैं। जब यह बढ़ जाता है, तो इंजन पर दबाव बढ़ता है और ईंधन की खपत बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए, अपने टायरों में हवा के दबाव की नियमित जांच करना बेहद ज़रूरी है। आज की नई गाड़ियों में तो टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) भी आता है, जिससे हवा का लेवल सही है या नहीं, यह आसानी से पता चल जाता है।
3. इंजन ऑयल का खेल, माइलेज का मेल
इंजन ऑयल का सबसे अहम काम इंजन के पुर्जों को चिकनाई देना और उनके बीच घर्षण को कम करना है। लेकिन समय के साथ, यह ऑयल गंदा हो जाता है और अपनी चिकनाई खो देता है। इसका सीधा असर इंजन पर पड़ता है, और कार को चलाने के लिए ज़्यादा ईंधन की ज़रूरत पड़ती है। इसीलिए, आपकी कार के निर्माता द्वारा बताए गए अंतराल पर इंजन ऑयल बदलना बहुत ही ज़रूरी है।
4. गंदा एयर फिल्टर, माइलेज पर असर
एयर फिल्टर इंजन में ताज़ी और साफ हवा पहुंचाने का काम करता है। अगर यह फिल्टर गंदा या जाम हो जाए, तो इंजन को पर्याप्त मात्रा में हवा नहीं मिल पाती। इस कमी को पूरा करने के लिए इंजन ज़्यादा फ्यूल इस्तेमाल करने लगता है। नतीजा? माइलेज घट जाता है, इंजन की परफॉर्मेंस गिर जाती है और प्रदूषण भी बढ़ता है। इसलिए, हर सर्विस के दौरान एयर फिल्टर की जांच ज़रूर कराएं और ज़रूरत पड़ने पर उसे बदलवाएं।
5. स्पार्क प्लग की दिक्कत, माइलेज की किल्लत
स्पार्क प्लग इंजन के अंदर फ्यूल और हवा के मिश्रण को जलाने का काम करता है। अगर स्पार्क प्लग पुराने हो जाएं या उनमें कोई खराबी आ जाए, तो सही समय और सही मात्रा में स्पार्क पैदा नहीं होता। इससे इंजन की ताकत कम हो जाती है और माइलेज पर सीधा असर पड़ता है। इसीलिए, स्पार्क प्लग की समय-समय पर जांच और उन्हें बदलना बहुत ज़रूरी है।
तो अगली बार जब आपकी कार का माइलेज कम हो, तो घबराएं नहीं। अक्सर यह किसी बड़ी तकनीकी समस्या का नतीजा नहीं होता, बल्कि हमारी कुछ सामान्य सी आदतें या ज़रूरी सर्विस की अनदेखी ही इसकी वजह होती है। अपनी ड्राइविंग में सुधार करें, टायरों में हवा का सही दबाव रखें, इंजन ऑयल और एयर फिल्टर समय पर बदलवाएं और स्पार्क प्लग की नियमित जांच कराएं। यकीन मानिए, इससे न केवल आपकी कार का माइलेज बढ़ेगा, बल्कि हर महीने ईंधन पर होने वाला आपका खर्च भी काफी कम हो जाएगा
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