जब दुनिया बदलती है, तो भारत शरणस्थली बनता है: कीर स्टार्मर की मुंबई यात्रा के पीछे छिपी भू-राजनीतिक चालें
यह एक ऐसी यात्रा है, जो पहली नज़र में एक साधारण राजनयिक मिलन लग सकती है, लेकिन इसके तार गहरे भू-राजनीतिक समीकरणों से जुड़े हैं। जब कोई देश संकट में होता है, या आंतरिक उथल-पुथल से गुजरता है, तो अक्सर उसकी निगाहें भारत की ओर उठती हैं। इसी कड़ी में, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का भारत आगमन, और विशेष रूप से मुंबई में उनका सीधा उतरना, कोई सामान्य घटना नहीं है। यह अमेरिकी-भारतीय व्यापारिक तनावों के बीच एक नए आर्थिक संतुलन की ओर इशारा करता है, एक ऐसा संतुलन जो भविष्य में वाशिंगटन की नींद उड़ा सकता है।
8 और 9 अक्टूबर की यह दो दिवसीय यात्रा, मुंबई में गर्मजोशी से शुरू हुई, जहाँ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ-साथ राज्यपाल आचार्य देवत्त ने एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया।
मोदी और स्टार्मर की मुंबई में अहम मुलाक़ात
गुरुवार की सुबह 10:00 बजे, मुंबई के राजभवन में, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टार्मर से मिलेंगे। यह उच्च-स्तरीय वार्ता व्यापार, प्रौद्योगिकी और जलवायु कार्रवाई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर केंद्रित होगी। इस बैठक के बाद, स्टार्मर राजभवन में पत्रकारों से संवाद भी करेंगे, जहाँ वे चर्चाओं के मुख्य बिंदुओं और भविष्य की संयुक्त पहलों पर प्रकाश डालेंगे। दोपहर 1:40 बजे, ब्रिटिश प्रधानमंत्री जियो वर्ल्ड सेंटर में होने वाले सीईओ फोरम में शिरकत करेंगे। यहाँ दोनों देशों के प्रमुख व्यापारिक नेता आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने के अवसरों पर मंथन करेंगे।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री की भागीदारी
सीईओ फोरम के तुरंत बाद, दोपहर 2:25 बजे, स्टार्मर जियो वर्ल्ड सेंटर में ही आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में भाग लेंगे। यह आयोजन नवाचार और डिजिटल वित्त के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर देगा। अपनी भारत यात्रा के समापन पर, ब्रिटिश प्रधानमंत्री 9 अक्टूबर को रात 11:30 बजे प्रस्थान करेंगे।
“विज़न 2035” योजना पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और स्टार्मर भारत-ब्रिटेन की व्यापक रणनीतिक साझेदारी में हो रही प्रगति की समीक्षा करेंगे। यह समीक्षा जुलाई में हस्ताक्षरित भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के साथ तैयार की गई “विज़न 2035” नामक दीर्घकालिक योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस योजना का लक्ष्य दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों को और गहरा करना है। उल्लेखनीय है कि स्टार्मर अपनी इस यात्रा पर 100 से अधिक व्यापारिक नेताओं, विश्वविद्यालय प्रमुखों और सांस्कृतिक हस्तियों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और शैक्षिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
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