AMN. अमेरिका और ईरान के बीच अभी तक सहमति नहीं बन पाई है. इस कारण दोनों देशों के बीच फिर से युद्ध शुरू हो सकता है. इसके संकेत अमेरिका से मिलने शुरू हो गए हैं. अमेरिका द्वारा पहली बार ईरान के खिलाफ हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
अमेरिका के सेंट्रल कमांड के कमांडर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ईरान पर संभावित हमले के विकल्पों की जानकारी देकर यह संकेत दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक में एडमिरल ब्रैड कूपर ने ये विकल्प सामने रखे.
जानकारी दी गई कि अगर डोनाल्ड ट्रंप दोबारा हमला करने का फैसला करते हैं तो छोटा लेकिन बेहद शक्तिशाली हमला किया जा सकता है. इस हमले में ईरान की बची हुई सैन्य ताकत, उसके नेता और अहम बुनियादी ढांचे को अमेरिका निशाना बना सकता है.
ये है हाइपरसोनिक मिसाइल की खासियत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय अब ईरान के खिलाफ कुछ नए और उन्नत हथियारों का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है। इनमें डार्क ईगल नाम की हाइपरसोनिक मिसाइल भी शामिल है। इस मिसाइल की खास बात यह है कि यह करीब 2,000 मील (करीब 3,200 किलोमीटर) की दूरी तक लक्ष्य को भेद सकती है। इसके जरिए अमेरिका ईरान के बचे हुए बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर्स को निशाना बना सकता है। वहीं, इलाके में बी-1बी लांसर बमवर्षक विमानों की मौजूदगी भी बढ़ाई जा रही है. ये विमान हाइपरसोनिक हथियार भी ले जा सकते हैं.
पीसी:नवभारतटाइम्स.इंडियाटाइम्स
अपडेटेड खबरों के लिए हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो करें
(टैग्सटूट्रांसलेट)यूएस(टी)हाइपरसोनिक मिसाइलें(टी)डोनाल्ड ट्रम्प(टी)हिंदी समाचार
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


