मध्य पूर्व के समीकरणों पर बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच जारी चर्चाओं को लेकर एक उम्मीद भरी तस्वीर पेश की। उन्होंने संकेत दिया कि एक सप्ताह के युद्धविराम का एक प्रभावी प्रस्ताव आकार ले रहा है, जिसमें हिजबुल्लाह की भागीदारी की भी प्रबल संभावना है।
ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी ताजा और गर्मजोशी भरी बातचीत को साझा करते हुए उनकी जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “मोदी के साथ मेरी बातचीत बेहद शानदार और सकारात्मक रही; वे वाकई बेहतरीन काम कर रहे हैं।” यूक्रेन युद्ध पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने माना कि वहां स्थितियां तेजी से बदल रही हैं और बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस समय उनकी कूटनीतिक प्राथमिकता ईरान पर केंद्रित है।
ईरान के प्रति अपने कड़े रुख पर पोप द्वारा की गई आलोचना को दरकिनार करते हुए ट्रंप ने अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने बेबाकी से कहा, “पोप को अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन मैं उनसे असहमत हो सकता हूं।” ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान को परमाणु शक्ति हासिल करने की छूट देना पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा संकट होगा, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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