वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत पर भारत, विश्व मंच पर शांतिदूत की भूमिका में
भारत की विदेश नीति हमेशा से ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के महान सिद्धांत पर आधारित रही है, जिसका अर्थ है कि भारत किसी के विरुद्ध नहीं, बल्कि सबके साथ शांति और स्थिरता की पक्षधरता रखता है। हाल के महीनों में, भारत की वैश्विक भूमिका में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। अफगानिस्तान के तालिबान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की भारत यात्रा, रूस-यूक्रेन युद्ध में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को ‘शांति लाने वाले’ के रूप में संबोधित करना, और जी20 शिखर सम्मेलन में भारत की निर्णायक उपस्थिति, इन सभी ने मिलकर भारत की कूटनीतिक साख को कई गुना बढ़ाया है। अब, मिस्र में होने वाला गाजा पीस समिट भारत के लिए एक और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान कर सकता है, जहाँ भारत अपनी शांति और स्थिरता की छवि को और भी सुदृढ़ कर सकता है।
गाजा शांति सम्मेलन: मिस्र में वैश्विक नेताओं का जमावड़ा, भारत की अहम भागीदारी
इजरायल-हमास के बीच युद्धविराम के साथ ही गाजा शांति योजना का पहला चरण गति पकड़ रहा है। इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए मिस्र के शर्म अल-शेख में एक भव्य शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी सह-अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी कर रहे हैं। राष्ट्रपति अल-सीसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों को आमंत्रित किया है। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह, भारत का प्रतिनिधित्व विदेश राज्य मंत्री श्री कीर्तिवर्धन सिंह करेंगे। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में स्पेन, पाकिस्तान, जापान, अजरबैजान, आर्मेनिया, हंगरी, भारत, साइप्रस, ग्रीस, बहरीन जैसे देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
युद्धविराम की ओर: बंधकों की रिहाई और कैदियों की अदला-बदली के साथ शांति की उम्मीद
इस युद्धविराम के तहत, हमास द्वारा 20 इजरायली बंधकों की रिहाई की उम्मीद है। अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी बेंस ने इस बात का दावा किया है कि राष्ट्रपति ट्रम्प इन बंधकों से मुलाकात करेंगे। वहीं, इजराइल गाजा पट्टी से अपनी सेना वापस बुलाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को इजराइल का दौरा किया, जो दो साल के युद्ध के बाद अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम का प्रतीक है। इस युद्धविराम की शुरुआत हमास द्वारा इजरायली बंधकों को रिहा करने के साथ हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक विमान ‘एयर फोर्स वन’ सुबह नौ बजकर 42 मिनट पर बेन-गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। विमान तेल अवीव के ‘होस्टेजेज स्क्वायर’ के ऊपर से गुजरा, जहाँ हजारों लोग जमा थे। हमास द्वारा रिहा किए गए पहले सात बंधकों के गाजा से इजराइल पहुंचने के ठीक बाद राष्ट्रपति ट्रम्प का विमान इजराइल पहुंचा। इसके साथ ही, इजराइल भी 1,900 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा।
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