अफगानिस्तान से उलझा पाकिस्तान, स्टॉक मार्केट में आई बड़ी सेंध!
कराची, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। पड़ोसी मुल्क अफगानिस्तान से गरमाई तनातनी पाकिस्तान पर भारी पड़ गई है। सैन्य कार्रवाई के अपने रुख पर कायम पाकिस्तान को उसके शेयर बाजार में बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा है। इस भारी गिरावट के पीछे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का आयोजन करने वाली चरमपंथी धार्मिक पार्टी के साथ-साथ सैन्य गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
रविवार को दोनों देशों की ओर से किए गए हमलों से जुड़ी खबरों के बीच निवेशकों के मन में अनिश्चितता का माहौल छा गया।
शुक्रवार को 1,63,000 के स्तर पर बंद हुआ केएसई-100 सूचकांक, सोमवार को लगभग 3,000 अंक लुढ़क कर 1,60,126 पर पहुंच गया, और यह गिरावट दोपहर तक जारी रही।
कारोबार की शुरुआत होते ही बाजार नकारात्मक क्षेत्र में चला गया और खुलने के चंद मिनटों में ही 3,000 अंकों से अधिक की गिरावट देखी गई। सुबह 9:34 बजे के करीब, बेंचमार्क इंडेक्स 3,040.24 अंक की गिरावट के साथ 2.33 करोड़ शेयरों के कारोबार के बीच 160,057.95 पर आ गया।
हालांकि, सुबह के शुरुआती घंटों में थोड़ी राहत मिली, लेकिन सूचकांक लाल निशान में ही बना रहा। सुबह 9:42 बजे तक, इसने 161,988.12 के उच्च स्तर को छुआ, फिर भी 1,100 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
सुबह 10:44 बजे तक, केएसई-100 सूचकांक 161,491.50 पर कारोबार कर रहा था, जो 1,606.69 अंक या 0.99 प्रतिशत की गिरावट दर्शा रहा था।
पाकिस्तानी मीडिया हाउस ‘हम’ ने बाजार विश्लेषकों के हवाले से इस भारी गिरावट का मुख्य कारण सप्ताहांत में सीमा पार तनाव बढ़ने की खबरों के बाद बढ़ी भू-राजनीतिक चिंताओं को बताया है। इस अनिश्चितता के माहौल ने निवेशकों को हिला कर रख दिया है।
बाजार में बिकवाली का दबाव मुख्य रूप से सप्ताहांत में हुए घटनाक्रमों, जिनमें भू-राजनीतिक कारक और सीमा पार तनाव शामिल हैं, के कारण देखा गया।
यह ध्यान देने योग्य है कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर 12 अक्टूबर की रात को एक खूनी झड़प हुई थी। अफगान तालिबान ने कथित तौर पर ड्रोन हमले के जवाब में पाकिस्तानी चौकियों पर गोलीबारी की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। वहीं, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री इशाक डार ने दावा किया था कि अफगानिस्तान को तोपों और जेट विमानों से जवाब दिया गया था, और 11 अफगान चौकियों को नष्ट करने का भी दावा किया था। दोनों देशों के बीच तनाव अत्यधिक बढ़ गया है।
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