निवेश की राह में 90% परिवार पीछे: सेबी का खुलासा

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- News Desk
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करीब 10 प्रतिशत परिवार ही करते हैं प्रतिभूति बाजार में निवेशः सेबी सर्वेक्षण

निवेश का छोटा सा कोना: भारतीय परिवारों का बाजार से नाता

क्या आप जानते हैं कि भारत के लगभग 90% परिवारों के लिए शेयर, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड जैसे ‘बाजार उत्पाद’ केवल सुनी-सुनाई बातें हैं? एक चौंकाने वाले सेबी सर्वेक्षण के अनुसार, देश के केवल 10% परिवार ही वास्तव में इन प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं, भले ही 63% को कम से कम एक बाजार उत्पाद की जानकारी हो।

शहर बनाम गाँव: निवेश का बढ़ता अंतर

यह तस्वीर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच एक बड़ा अंतर दर्शाती है। जहाँ शहरी इलाकों में 15% परिवार बाजार में पैसा लगा रहे हैं, वहीं ग्रामीण भारत में यह आंकड़ा घटकर मात्र 6% रह जाता है। राज्यों की बात करें तो दिल्ली 20.7% निवेशक परिवारों के साथ अव्वल है, इसके बाद गुजरात (15.4%) का नंबर आता है।

प्रतिभूति क्या है? एक सरल परिचय

प्रतिभूति कोई भी ऐसा वित्तीय साधन है जो आपको किसी कंपनी या सरकारी इकाई में पैसा लगाने और उस पर मुनाफ़ा कमाने का अवसर देता है। इसमें शेयर, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड जैसे विकल्प शामिल हैं।

ज्ञान का स्तर: अभी लंबा सफ़र बाकी

सर्वेक्षण का एक और महत्वपूर्ण खुलासा यह है कि केवल 36% निवेशकों के पास ही प्रतिभूति बाजार का मध्यम स्तर का ज्ञान है। इसका मतलब है कि अधिकांश निवेशक अपनी मेहनत की कमाई को अनिश्चितता में झोंक रहे हैं।

सुरक्षा पहले, मुनाफ़ा बाद में: जोखिम से बचना है प्राथमिकता

इस सर्वेक्षण का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि करीब 80% परिवार ऊंचे मुनाफ़े से ज्यादा अपनी पूंजी को सुरक्षित रखना चाहते हैं। यह जोखिम से बचने वाला स्वभाव ‘जेन-जेड’ पीढ़ी में भी 79% तक देखा गया है।

बाजार में भागीदारी की राह की बाधाएं

सेबी के अनुसार, जटिल निवेश उत्पाद, जानकारी का अभाव, भरोसे की कमी और नुकसान का डर परिवारों को बाजार में खुलकर भाग लेने से रोकते हैं।

व्यापक सर्वेक्षण, गहरी समझ

यह सर्वेक्षण 90,000 से अधिक परिवारों को शामिल करके किया गया, जो 400 शहरों और 1,000 गांवों से थे। इसमें निवेशकों, गैर-निवेशकों, संभावित निवेशकों और मध्यस्थों की राय ली गई।

वित्तीय शिक्षा के बदलते रूप

रिपोर्ट बताती है कि आज की युवा पीढ़ी के लिए सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप और छोटे वीडियो वित्तीय शिक्षा के सबसे लोकप्रिय माध्यम हैं। वहीं, बुजुर्ग सदस्य लेख, पॉडकास्ट और कार्यशालाओं को अधिक महत्व देते हैं।

सेबी का लक्ष्य: समावेशी प्रतिभूति बाजार

सेबी का मानना है कि यह सर्वेक्षण निवेशक शिक्षा, भरोसा बढ़ाने और स्थानीय भाषाओं में जागरूकता को बढ़ावा देकर प्रतिभूति बाजार को सभी के लिए अधिक सुलभ और समावेशी बनाने में मदद करेगा।


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