सोने का ऐतिहासिक उछाल: 4000 डॉलर के पार, क्या यह सिर्फ शुरुआत है?
बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, पहली बार 4,000 डॉलर प्रति औंस का आंकड़ा पार कर लिया है। यह ऐतिहासिक उछाल वैश्विक अस्थिरता के माहौल में निवेशकों के सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
रिकॉर्ड तोड़ तेजी के कारण:
- वैश्विक अनिश्चितता: अमेरिका में सरकारी शटडाउन, फ्रांस में राजनीतिक अस्थिरता, जापान और अर्जेंटीना में आर्थिक चिंताएं, तथा रूस-यूक्रेन युद्ध का बढ़ना, इन सभी वैश्विक अनिश्चितताओं ने निवेशकों को सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर धकेला है।
- फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर में कटौती: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और कटौती की संभावना ने सोने के आकर्षण को और बढ़ाया है।
भारतीय बाजारों में भी चमक:
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की इस तेजी का असर भारतीय बाजारों पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
- सोना: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के कॉन्ट्रैक्ट के दाम 0.87 प्रतिशत बढ़कर 1,22,170 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गए हैं।
- चांदी: सोने के साथ-साथ चांदी में भी तेजी देखी गई है। चांदी के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1,47,354 रुपए प्रति किलो हो गया है, जिसमें बुधवार को 1.07 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
भविष्य का अनुमान:
गोल्डमैन सैश जैसे बड़े निवेश बैंकों का मानना है कि सोना अगले साल तक 5,000 डॉलर प्रति औंस तक भी पहुंच सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक अनिश्चितताएं बनी रहती हैं और फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती जारी रखता है, तो सोने की यह रिकॉर्ड तोड़ तेजी जारी रह सकती है।
निवेशकों के लिए संकेत:
इस साल की शुरुआत से अब तक सोने ने 55 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने करीब 70 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है। यह दर्शाता है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में सोने और चांदी में निवेश करना काफी फायदेमंद साबित हो रहा है।
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