बिहार रणभूमि: हसनपुर में चुनावी सरगर्मी तेज, दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
बिहार की राजनीति में गरमाहट बढ़ चली है! आगामी 06 नवंबर और 11 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए राज्य में चुनावी रण का बिगुल बज चुका है। 14 नवंबर 2025 को जब चुनावी परिणाम सामने आएंगे, तो प्रदेश की सत्ता का समीकरण भी तय हो जाएगा। इसी बीच, सभी सियासी दल अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर सक्रिय प्रचार-प्रसार में जुट गए हैं। खास तौर पर, समस्तीपुर जिले की हसनपुर विधानसभा सीट पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं, जहाँ 06 नवंबर 2025 को मतदान होना है। यह सीट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2020 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी के युवा तुर्क तेजप्रताप यादव ने इस पर अपनी जीत का परचम फहराया था।
हसनपुर का घमासान: कौन किससे भिड़ेगा?
हसनपुर की रणभूमि में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है। आरजेडी ने इस सीट से माला पुष्पम पर दांव खेला है। तेजप्रताप यादव के लिए इस सीट को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती है, और पार्टी इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। वहीं, एनडीए भी इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने विभा देवी को चुनावी मैदान में उतारा है, जिससे मुकाबले को और भी त्रिकोणीय बनाने की मंशा है। जनसुराज पार्टी भी इस घमासान में इंदू गुप्ता के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। इधर, सत्ताधारी दल जेडीयू ने राजकुमार राय को अपना उम्मीदवार घोषित कर हसनपुर में अपनी दावेदारी को और पुख्ता किया है।
2020 का इतिहास: तेजप्रताप की शानदार जीत
बीते 2020 के विधानसभा चुनाव को याद करें तो हसनपुर सीट पर आरजेडी के तेजप्रताप यादव ने शानदार जीत दर्ज की थी। उन्होंने तत्कालीन जेडीयू उम्मीदवार राजकुमार राय को 21,139 वोटों के भारी अंतर से परास्त किया था। तेजप्रताप को उस चुनाव में 42.27% वोट शेयर के साथ कुल 80,991 वोट मिले थे। अब देखना यह होगा कि इस बार क्या तेजप्रताप यादव की पार्टी हसनपुर की सीट पर अपना दबदबा कायम रख पाती है, या फिर राजनीतिक समीकरण किसी नई दिशा की ओर बढ़ते हैं।
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