बिहार का चुनावी रण: आज शाम 4 बजे खुलेगा 2025 का पिटारा, महागठबंधन का दावा – “नीतीश युग का होगा अंत”
पटना: बिहार की राजनीति में पारा चढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान आज शाम 4 बजे होगा, जिसके साथ ही चुनावी रण का बिगुल बज जाएगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस महत्वपूर्ण घोषणा को अंजाम देंगे। इस बीच, महागठबंधन के नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए चुनाव के लिए अपनी पूर्ण तैयारी का दावा किया है। उनका मानना है कि इस बार के चुनाव में महागठबंधन की जीत निश्चित है और यह नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर का अंत साबित होगा।
महागठबंधन का हुंकार: “हम तैयार हैं, बस निष्पक्ष चुनाव की अपेक्षा” – अखिलेश प्रसाद सिंह
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने News Agency ANI से बातचीत में स्पष्ट किया कि महागठबंधन चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी और महागठबंधन की मंशा बिल्कुल साफ है। हम सरकार बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।” उनकी एकमात्र अपेक्षा चुनाव आयोग से यह है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हों, ताकि हर गरीब और वंचित वर्ग को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिले। चाहे चुनाव दो चरणों में हों या एक, महागठबंधन हर परिस्थिति के लिए तैयार है।
तेजस्वी का सीधा वार: “नीतीश कुमार की अचेत अवस्था चिंताजनक” – मृत्युंजय तिवारी
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता मृत्युंजय तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री की सार्वजनिक मंचों पर देखी गई “अजीब हरकतों” को चिंता का विषय बताते हुए कहा, “तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर एक गंभीर सवाल उठाया है कि नीतीश कुमार को इस दयनीय अवस्था में किसने पहुंचाया है।” तिवारी के अनुसार, नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने की स्थिति में नहीं हैं और उन्हें “रिमोट कंट्रोल” से चलाया जा रहा है, जबकि उनके आसपास के लोग अपने स्वार्थ के लिए उनके नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।
शिवसेना (यूबीटी) का तंज: “झूठे वादों का अंत, बिहार में नया सवेरा” – प्रियंका चतुर्वेदी
चुनाव आयोग द्वारा आज घोषित की जाने वाली तारीखों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह चुनाव “ऐतिहासिक” होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार और बीजेपी ने बिहार की जनता से कई वादे किए थे, लेकिन वे सभी “अधूरे” साबित हुए। चतुर्वेदी ने कहा, “सरकार बचाने के लिए इन लोगों ने मनमानी की और झूठे वादे किए।” अब बिहार की जनता पर यह जिम्मेदारी होगी कि वह ऐसी सरकार को सत्ता से बेदखल करे जिसने सिर्फ झूठ के पुलिंदे बांधे और एक ऐसी सरकार लाए जो बिहार में “नया सवेरा” लेकर आए।
2020 के रण की यादें: तीन चरणों में मतदान, RJD सबसे बड़ी पार्टी
पिछले बिहार विधानसभा चुनाव 2020, कोविड-19 महामारी की छाया में तीन चरणों में संपन्न हुए थे। मतदान 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को हुआ था, जबकि मतगणना 10 नवंबर को हुई थी। उस चुनाव में कुल 56.93% मतदान हुआ था, जिसमें महिला मतदाताओं की भागीदारी (59.69%) पुरुष मतदाताओं (54.45%) से अधिक रही थी। 2020 में RJD 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, वहीं बीजेपी और JDU ने मिलकर 117 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार के चुनाव में प्रशांत किशोर की नई पार्टी जन सुराज की एंट्री से मुकाबला और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है।
(यहां 2020 चुनाव के परिणाम और मतदान प्रतिशत के आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं।)
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